मसूरी में कुदरत का कहर! भरभराकर गिरा मकान-दुकान; जमीन खिसकी, परिवार ने भागकर बचाई जान

उत्तराखंड में पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है. मसूरी-कैंपटी रोड पर सांझा दरबार के पास भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए. हादसे में परिवार के लोगों ने समय रहते घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली. हालांकि, कुछ ही देर बाद उनकी आंखों के सामने उनका आशियाना और दुकान मलबे में बदल गए. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़ितों ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद के साथ रहने के लिए व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है.
जमीन खिसकने का खतरा महसूस होते ही घर से निकला परिवार
जानकारी के मुताबिक, देर रात परिवार को जमीन खिसकने का खतरा महसूस हुआ. खतरे को भांपते हुए परिवार के लोग तुरंत घर से बाहर निकल आए. उनके बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद भूस्खलन हुआ और मकान भरभराकर मलबे में तब्दील हो गया. मकान के साथ दुकान भी भूस्खलन की चपेट में आ गई. घर और दुकान में रखा घरेलू सामान, जरूरी चीजें और अन्य सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते परिवार के लोग बाहर निकल गए, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.
आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना
हादसे के बाद पीड़ित परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. परिवार का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई से जुटाया गया सामान और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें मलबे में दब गई हैं. अब उनके सामने रहने के साथ-साथ जरूरी सामान की व्यवस्था करने का संकट खड़ा हो गया है. पीड़ित परिवार ने भावुक होकर सरकार और प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है. उनका कहना है कि बारिश ने उनसे उनका घर और दुकान दोनों छीन लिए हैं. अब प्रशासन की मदद से ही वह दोबारा अपना जीवन शुरू कर पाएंगे.
मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को आपदा मानकों के अनुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए. इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. टीम ने नुकसान का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
लगातार बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मसूरी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी करने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके.











