ममता बनर्जी का दावा- जनगणना की आड़ में NRC लागू करने की कोशिश

ममता बनर्जी ने एकबार फिर बीजेपी को घेरा है. इसके लिए उन्होंने फेसबुक का सहारा लिया है. ममता ने पश्चिम बंगाल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. साथ ही भाजपा के हिंदू प्रेम पर भी हमला बोला है. इसके जरिए ममता ने एक बार फिर से हिंदुओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की है. इसके साथ ही उन्होंने जनगणना को भी एनआरसी से जोड़ दिया.

महिलाओं की योजना पर की बात

फेसबुक लाइव पर आकर ममता बनर्जी ने अन्नपूर्णा भंडार मुद्दे पर बात की. ममता ने कहा कि बंगाल की महिलाएं परेशान हैं, क्योंकि उन्हें महिला लाभार्थी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. हम 2.42 करोड़ महिलाओं को ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ दे रहे थे. इनमें से 72 प्रतिशत महिलाओं को आर्थिक लाभ नहीं मिल पाया है. बीजेपी ने अपने चुनाव प्रचार में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ का वादा किया था. उन्होंने बंगाल की महिलाओं के साथ धोखा किया है.

हिंदू धर्म को लेकर खींची रेखा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं महिलाओं के लिए लड़ूंगी. भविष्य में हम उन महिलाओं का डेटा इकट्ठा करने के लिए एक सिस्टम लाएंगे, जिन्हें आर्थिक लाभ नहीं मिला है.’ ममता बनर्जी ने बीजेपी के ‘हिंदुत्व’ पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘आपको हिंदू धर्म पसंद नहीं है. आपको ‘हिंदुत्व’ पसंद है. हिंदू धर्म एक बहुत बड़ी चीज है, जिसे स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण ने माना था.जब तक हम बीजेपी को सत्ता से बाहर नहीं कर देते, तब तक हम नहीं रुकेंगे. वे मुझे मीटिंग करने की इजाजत तक नहीं दे रहे हैं.’

माना जा रहा है कि ममता बनर्जी ने हिंदू धर्म की बातकर बीजेपी के कोर वोटर को टच करने की कोशिश की है. वो बीजेपी के हिंदुत्व और हिंदू धर्म को अलग-अलग कर एक महीन लाइन खींचना चाह रही हैं. वहीं जादवपुर विवाद पर उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी में तोड़-फोड़ के लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया. कहा, ‘मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं.’

आगे का प्लान भी बताया

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी आगे की राजनीति के बारे में बात करते हुए कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया, ‘मैं राजनीतिक ‘संन्यास’ नहीं ले रही हूं, और तब तक नहीं रुकूंगी जब तक BJP को हाशिए पर न धकेल दूं. सिर्फ चार महीनों में ही बंगाल के लोगों को बीजेपी का असली चेहरा समझ आ गया. जनगणना की कवायद NRC लागू करने की एक और परोक्ष कोशिश है, जिसे राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा किए बिना लागू किया गया है.’ ममता ने दावा किया किया कि लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से हटा दिए गए हैं; अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फिर से उच्चतम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया जाएगा.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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