CGPSC घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व CM के PA रहे केके चंद्रवंशी के घर छापा

छत्तीसगढ़ में CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह कई ठिकानों पर कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम दुर्ग में पूर्व मुख्यमंत्री के PA रहे केके चंद्रवंशी और पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर पहुंची। प्रदेश में कुल 7 ठिकानों पर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
भिलाई स्थित केके चंद्रवंशी के घर ED की टीम सुबह करीब 6 बजे 2-3 गाड़ियों से पहुंची। टीम ने घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामान की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा। फिलहाल ED की ओर से छापे से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पूर्व CGPSC चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई है। उन्हें 25 जुलाई को परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।
जांच 2020 और 2021 की CGPSC राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। ED ने CBI की ओर से 2024 में दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।
जांच एजेंसी का आरोप है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित तौर पर अवैध तरीके से उपलब्ध कराए गए और चयन प्रक्रिया में हेरफेर किया गया। इसके बदले रिश्वत लेने और इसका लाभ रिश्तेदारों तथा पैसे देने वाले अभ्यर्थियों को पहुंचाने के आरोप हैं।
डिप्टी कलेक्टर और DSP पदों पर चयन में गड़बड़ी का आरोप
CBI की जांच में CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की बात सामने आई थी। मामले में पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।
आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए कथित तौर पर अवैध लेन-देन किया गया।
18 रिश्तेदारों के चयन का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, सोनवानी के कार्यकाल के दौरान आयोग में हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप हैं। आरोप है कि उनके करीबी रिश्तेदारों के अलावा कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों से जुड़े करीब 18 रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में चयनित कराया गया। जांच में कथित पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मिलने की बात भी कही गई है।
लीक पेपर कई लोगों तक पहुंचने का दावा
CBI की जांच के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी ने कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्नपत्र कुछ लोगों को उपलब्ध कराया था। इसके बाद उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के जरिए लीक पेपर बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण गोयल तक पहुंचने का आरोप है। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि गोयल के बेटे और बहू ने कथित तौर पर इसी पेपर से तैयारी की और बाद में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए।
171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
CGPSC 2021 की राज्य सेवा परीक्षा में 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को हुई थी, जिसमें 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद मई 2022 में आयोजित मुख्य परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए।
इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर बाद में प्रश्नपत्र लीक और चयन में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए, जिसकी जांच CBI और ED कर रही हैं।











