रायपुर-बलौदाबाजार राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना के लिए भूमि खरीदी-बिक्री पर से हटा प्रतिबंध

रायपुर-बलौदाबाजार राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-130B) के चौड़ीकरण से जुड़ी भूमि पर लगाए गए खरीद-बिक्री प्रतिबंध को हटा दिया गया है। संबंधित भू-अर्जन अधिकारी ने यह रोक हटाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध पिछले कई महीनों से लागू था, जिससे कई किसानों और भू-मालिकों को भूमि संबंधी लेनदेन में कठिनाई हो रही थी।
यह रोक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी के भैंसा से कुम्हारी (किलोमीटर 139.400) तक 4-लेन चौड़ीकरण परियोजना के लिए लगाई गई थी। अब प्रभावित खसरा नंबरों और उनकी 100 मीटर की परिधि में आने वाले भूखंडों को छोड़कर शेष सभी भूमि की खरीद-बिक्री की अनुमति दे दी गई है। इससे ग्रामीणों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।
यह निर्णय बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की चार तहसीलों — पलारी, बलौदाबाजार, लवन और कसडोल — में लागू होगा। प्रभावित गांवों में खरतोरा, संडी, कोदवा, गोडा, गिर्रा, कुसमी, घोटिया, कुकदा, पहन्दा, पलारी, रसौटा, बिनौरी, अमेरा, मुडपार (पलारी तहसील); सकरी, लिमाही, मगरचबा (बलौदाबाजार तहसील); पनगांव, बिटकुली, लवनबंद, डोटोपार, लाहोद, गिंदोला, खम्हारडीह, मुण्डा, चिरपोटा, कोरदा, परसपाली, डोंगरीडीह (लवन तहसील); और चांटीपाली, दर्रा, कसडोल, छरछेद, छांछी, पिसीद, चण्डीडीह, सेल, कटगी (कसडोल तहसील) शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना से प्रभावित जमीनों का अधिग्रहण प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन अन्य क्षेत्रों में अब सामान्य तरीके से रजिस्ट्री और बिक्री की जा सकेगी। स्थानीय लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि इससे जमीनों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा तथा रुके हुए सौदे दोबारा शुरू हो सकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से क्षेत्र का आर्थिक विकास तेज होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर बनेगी। साथ ही, जिन लोगों की भूमि परियोजना में अधिग्रहित की गई है, उन्हें मुआवजा नियमानुसार प्रदान किया जाएगा।











