जनवरी की छुट्टियों में बस्तर बना सैलानियों की पहली पसंद, झरनों और ट्रैकिंग स्थलों का अनोखा संगम

गणतंत्र दिवस और जनवरी की छुट्टियों के दौरान छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगल, ऊंचे झरने, धार्मिक स्थल और रोमांचक ट्रैकिंग स्पॉट बस्तर को एक परफेक्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाते हैं। यहां परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए कई बेहतरीन स्थान मौजूद हैं।

बस्तर में चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे प्रसिद्ध जलप्रपात, धुड़मारास का होम-स्टे ईको टूरिज्म, मट्टी मरका का ‘बीजापुर का गोवा’, नीलम सरई और नंबी जैसे ट्रैकिंग स्पॉट पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करते हैं। इसके अलावा ढोलकल शिखर पर विराजमान गणपति और हांदावाड़ा जलप्रपात जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल भी लोगों की आस्था और रोमांच का केंद्र हैं।

चित्रकोट जलप्रपात जगदलपुर से करीब 39 किलोमीटर दूर स्थित है, जहां इंद्रावती नदी का पानी लगभग 90 फीट की ऊंचाई से गिरता है। तीरथगढ़ जलप्रपात कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है, जहां सीढ़ीनुमा जलधाराएं पर्यटकों को मोहित करती हैं। धुड़मारास गांव ने कयाकिंग और बैंबू राफ्टिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है।

मट्टी मरका गांव को बीजापुर का गोवा कहा जाता है, जहां इंद्रावती नदी के किनारे फैली रेत और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। नीलम सरई और नंबी जलप्रपात ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए खास माने जाते हैं। वहीं झारालावा जलप्रपात, मिचनार हिल टॉप और पत्थरों का गांव जैसे स्थल प्रकृति प्रेमियों के लिए अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं।

बस्तर क्षेत्र में हवाई, रेल और सड़क मार्ग से पहुंचना आसान है। जगदलपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में ठहरने के लिए होटल और रिसॉर्ट की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। किफायती दरों पर रहने की व्यवस्था होने से यह इलाका पर्यटकों के लिए और भी सुविधाजनक बन गया है।

पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से बस्तर में पर्यटन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। यहां की प्राकृतिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराएं और शांत वातावरण सैलानियों को बार-बार आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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