बजट 2026 में स्वास्थ्य, शिक्षा और टैक्स में बड़ी राहत, कई अहम घोषणाएं

केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और कर व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया। बजट में कैंसर समेत सात गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने की घोषणा की गई है, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शुगर समेत अन्य जरूरी दवाओं की कीमतों में भी कमी की जाएगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए नए संस्थान खोलने, यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा किसानों के लिए ‘भारत विस्तार’ नाम से एक मल्टीलिंगुअल एआई आधारित सिस्टम शुरू करने की घोषणा की गई है, जिससे कृषि से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही ईस्टर्न और वेस्टर्न घाट्स में भी इको-टूरिज्म से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
करदाताओं को राहत देते हुए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज को इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। वहीं छोटे करदाताओं के लिए लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को सरल और स्वचालित बनाया जाएगा।
विदेशी यात्रा करने वालों के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। विदेशी टूर पैकेज और शिक्षा-चिकित्सा खर्च पर लगने वाले टीसीएस की दर घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
बजट में खेलों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। खेलो इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षण केंद्रों, कोचिंग सुविधाओं और खेल अवसंरचना को मजबूत किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
सरकार ने राज्यों को मिलने वाले केंद्रीय करों के हिस्से को 41 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर बजट 2026 में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खेल और कर व्यवस्था में सुधार के जरिए आम जनता को राहत देने और विकास को गति देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।











