बीजापुर CRPF कैंप हमले में बड़ा खुलासा, तीन माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए माओवादी हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। इस चार्जशीट में तीन फरार आरोपियों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
यह हमला 16 जनवरी 2024 को हुआ था, जब प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े करीब 300 माओवादियों ने धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर समन्वित हमला किया था। हमले में आधुनिक हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था।
इस दौरान सुरक्षा बलों के लगभग एक दर्जन जवान घायल हुए थे, जिन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए माओवादियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
जांच एजेंसी ने गिरफ्तार आरोपियों अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतन के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत साक्ष्य पेश किए हैं। इससे पहले भी इस मामले में कई अन्य माओवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
जांच में हमले की साजिश, हथियारों की आपूर्ति और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे सामने आए हैं। इसे बस्तर क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
एजेंसी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।









