जलभराव से राहत की योजना पर लगा ब्रेक, निगम अधिकारियों की गैरहाजिरी से एनएचएआई की अहम बैठक टली

कुशालपुर-भाटागांव क्षेत्र में जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित बड़े नाले के निर्माण को लेकर बुलाई गई अहम तकनीकी बैठक नगर निगम अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित हो गई। बैठक में नाले के डिजाइन, निर्माण की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्य की समय-सीमा पर फैसला होना था, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचा नहीं जा सका।

सुबह 11:30 बजे अभनपुर स्थित एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह सहित एनएचएआई के अधिकारी निर्धारित समय पर पहुंचे, लेकिन नगर निगम का कोई भी अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुआ। काफी देर इंतजार के बाद संपर्क करने पर निगम अधिकारियों ने बताया कि वे विधायक राजेश मूणत की समीक्षा बैठक में व्यस्त हैं। इसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया। अगली बैठक की तारीख भी तय नहीं हो सकी।

कुशालपुर और भाटागांव क्षेत्र के करीब तीन वार्ड हर बारिश में जलभराव की गंभीर समस्या से प्रभावित होते हैं। हल्की बारिश में भी सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रोफेसर कॉलोनी और भाटागांव के बीच रिंग रोड पर बड़े नाले के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

प्रस्तावित बैठक में नाले का रूट, डिजाइन, चौड़ाई, गहराई, जल निकासी क्षमता, एनएचएआई और नगर निगम की जिम्मेदारियां, ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की समय-सीमा तय की जानी थी। बैठक स्थगित होने से परियोजना की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी।

उधर, जिस समय एनएचएआई कार्यालय में बैठक प्रस्तावित थी, उसी समय रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत 20 वार्डों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में सफाई, जलभराव, पेयजल, अवैध निर्माण, पार्किंग और अन्य नागरिक सुविधाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी गई।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कुशालपुर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बैठक रखी गई थी, लेकिन नगर निगम अधिकारियों के शामिल नहीं होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शहर में लगातार बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन उनका असर बुनियादी सुविधाओं पर दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान अधिकांश वार्ड जलभराव से प्रभावित हुए, जबकि जल निकासी व्यवस्था को लेकर अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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