मरीज बनकर हॉस्पिटल पहुंच गए कलेक्टर साहब, जानिए फिर क्या हुआ?

जिला अस्पताल के इंतजामों का जायजा लेने नए कलेक्टर अमित कुमार ने स्वयं पर्ची लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का अवलोकन किया और पेशेंट से सीधे संवाद कर कुशलक्षेम जान स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली.

कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में अपशिष्ट कचरे का वैज्ञानिक एवं सुचारू रूप से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बना रहे. उन्होंने एनआरसी केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां भर्ती बच्चों का कुशलक्षेम जाना. उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली और बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिए. कलेक्टर ने निर्देश दिए किए कि पुनर्वास, स्वास्थ्य एवं बाल देखभाल से जुड़े सभी केंद्रों में गुणवत्ता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ कार्य सुनिश्चित करें.

ओरछा ब्लॉक के धुरबेड़ा गांव की बीमार चल रही 38 वर्षीय महिला चैति को अस्पताल ले जाने पहली बार संजीवनी 108 की सेवा सुलभ हुई. संजीवनी 108 के जिला प्रबंधक गौतम कुमार ने सूचना मिलते ही एम्बुलेंस लेकर अपनी टीम के पायलट मिलन उसेंडी और ईएमटी कमलेश के साथ गांव के लिए निकले. ईएमटी द्वारा मरीज की स्थिति का आकलन कर आवश्यक वाइटल जांच के बाद महिला को सुरक्षित रूप से एम्बुलेंस में शिफ्ट कर जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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