असम, मुंबई और बंगाल से जुड़े साइबर ठग गिरफ्तार, 85 लाख की ठगी का खुलासा

सुल्तानपुर: जनपद में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने असम, मुंबई और पश्चिम बंगाल से जुड़े सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक ही मोडस ऑपरेंडी अपनाकर अलग-अलग राज्यों में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की.

मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह ने किया. प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह (साइबर टीम) ने बताया कि विवेचना के दौरान जानकारी हुई कि इसी तरीके से अमेठी निवासी अभिषेक सिंह से करीब 85 लाख रुपये की ठगी की गई थी. इस संबंध में थाना साइबर क्राइम, अमेठी में मुकदमा दर्ज है.

वहीं, लखनऊ निवासी अवनीश सिंह से लगभग 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी किए जाने का भी मामला सामने आया, जिसका मुकदमा लखनऊ कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में पंजीकृत है. जांच में यह भी पाया गया कि पीड़ित भास्कर पाण्डेय के खाते से 4.92 लाख रुपये एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे. केवाईसी जांच में यह खाता असम के हाजो थाना क्षेत्र से जुड़े दो व्यक्तियों के नाम पर पाया गया.

पुलिस टीम ने 28 जनवरी को असम जाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि पैसों के लालच में उन्होंने अपने बैंक खाते ठगी गिरोह को उपलब्ध कराए थे. आगे की जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह क्लोनिंग एप के जरिए फर्जी निवेश कंपनी बनाकर लोगों को मुनाफे का लालच देता था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने मुंबई से तीन अन्य अभियुक्तों को पूछताछ के लिए सुल्तानपुर लाया.

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गिरोह के सरगनाओं को बैंक खाते, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम उपलब्ध कराते थे, बदले में उन्हें कमीशन दिया जाता था. एसपी ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है. कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन,चेकबुक और एटीएम कार्ड के साथ-साथ 333 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वाले ऑनलाइन खाते फ्रीज किए गए हैं.

इसके अलावा करोड़ों रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े खाते भी सामने आए हैं. गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई प्रचलित है. साइबर क्राइम और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई को पुलिस विभाग ने बड़ी सफलता बताया है.

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