जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से महिला को मिला लकवाग्रस्त पालतू डॉग, भावुक अपील लाई रंग

उत्तर प्रदेश के कानपुर में जिलाधिकारी के जनता दरबार में एक महिला ने अपने पालतू डॉग को वापस दिलाने की भावुक अपील की। महिला ने रोते हुए कहा कि उसका डॉग मोंटी उसके बेटे जैसा है और एक एनजीओ द्वारा उसे वापस नहीं किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मोंटी को उसकी मालकिन को सौंप दिया गया।
महिला फरहा ने बताया कि मोंटी जन्म से लकवाग्रस्त है और लंबे समय से परिवार के साथ रह रहा था। इलाज के उद्देश्य से 18 दिसंबर को उसे एक एनजीओ को सौंपा गया था, जहां तीन दिन के फोस्टर के बाद उसे वापस किया जाना था। तय समय बीतने के बावजूद एनजीओ ने अलग-अलग बहाने बनाकर डॉग लौटाने से इनकार कर दिया।
फरहा का आरोप है कि जब वह दोबारा डॉग हाउस पहुंचीं तो उन्हें मोंटी देने से साफ मना कर दिया गया। पालतू जानवर से गहरे भावनात्मक जुड़ाव के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गईं और अंततः जनता दरबार में जिलाधिकारी से गुहार लगाई।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पूरे मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। आदेश के बाद देर शाम डॉग हाउस से मोंटी को मुक्त कराया गया और उसकी मालकिन को सौंप दिया गया।
अपने पालतू डॉग को वापस पाकर महिला और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। फरहा ने कहा कि मोंटी परिवार का सदस्य है और उसके इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से एक परिवार को भावनात्मक राहत मिली है।











