पर्यटन विभाग में कर्मचारियों का विरोध, विशेष सचिव पर उत्पीड़न के आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की विशेष सचिव ईशा प्रिया के खिलाफ विभागीय कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विशेष सचिव द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज की जा रही है, जिसके चलते मौजूदा परिस्थितियों में काम करना संभव नहीं रह गया है।

पर्यटन विभाग के सात कर्मचारियों की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बीते कई महीनों से उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों का दावा है कि जनहितकारी योजनाओं के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए अब तक यह व्यवहार सहन किया गया, लेकिन अब हालात असहनीय हो चुके हैं। मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात भी पत्र में कही गई है।

कर्मचारियों के अनुसार, विशेष सचिव उन्हें रोजाना पर्यटन निदेशालय बुलाकर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती हैं और कई बार गंदी गालियां भी दी जाती हैं। विरोध करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि यह व्यवहार अन्य कर्मचारियों के सामने किया जाता है, जिससे विभागीय माहौल और मनोबल प्रभावित हो रहा है।

सचिवालय संघ के समर्थन से भेजे गए सामूहिक पत्र में मांग की गई है कि पर्यटन विभाग में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल विभाग, सचिवालय प्रशासन विभाग में वापस भेजा जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपमानजनक परिस्थितियों में कार्य नहीं करना चाहते।

इस पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव (सचिवालय प्रशासन) और उत्तर प्रदेश सचिवालय संघ के अध्यक्ष को भी भेजी गई है। पत्र पर 3 जनवरी 2026 को कई अधिकारियों और कर्मचारियों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।

वहीं, इस पूरे मामले पर विशेष सचिव ईशा प्रिया ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है। पर्यटन विभाग के महानिदेशक राजेश कुमार ने बताया कि वह वर्तमान में चित्रकूट में हैं और उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है। पत्र सामने आने के बाद लखनऊ के प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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