चंदौली में बाढ़ जैसे हालात! सड़क पर डेढ़ फीट पानी का तेज बहाव

जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद गड़ई नदी उफान पर आ गई है. चकिया-अहरौरा मार्ग पर नदी का पानी सड़क के ऊपर करीब 1 से 1.5 फीट की ऊंचाई में तेज बहाव के साथ गुजर रहा है. इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्राकृतिकआपदाएं

मूसाखांड डैम से छोड़ा जा रहा 17,580 क्यूसेक पानी

बताया जा रहा है कि अहरौरा और मूसाखांड बांध से पानी आने के बाद गड़ई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. मूसाखांड डैम से करीब 17,580 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है. नदी के आसपास के खेतों में भी पानी भर गया है, जो अब गड़ई नदी की ओर बह रहा है.

सड़क पर तेज बहाव, छोटे वाहनों के लिए खतरा

नदी का पानी सड़क के ऊपर से तेज गति से बहने के कारण चकिया-अहरौरा मार्ग पर दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश में यही स्थिति पैदा होती है. खेतों में पानी भरने से फसलों को भी भारी नुकसान होता है.

पुल की मांग, हर साल झेलनी पड़ती है परेशानी

ग्रामीण अमरावती ने बताया कि गड़ई नदी के उफान पर आने से आसपास के खेत जलमग्न हो जाते हैं. वहीं, विशाल यादव ने कहा कि सड़क पर तेज बहाव के चलते आवागमन जोखिम भरा हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान और पुल निर्माण की मांग की है.

बाढ़ चौकियां सक्रिय, प्रशासन की पैनी नजर प्राकृतिकआपदाएं

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि जिले की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है. राजस्व, सिंचाई और पुलिस विभाग की टीमें संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी कर रही हैं. डीएम के मुताबिक फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. गंगा का जलस्तर वार्निंग लेवल पर है और धीमी गति से बढ़ रहा है. प्रशासन ने लोगों से नदियों, बांधों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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