उद्घाटन के छह महीने बाद बदहाल हुई वन भैंसा प्रतिमा, रखरखाव की जिम्मेदारी तय न होने से बढ़ी अव्यवस्था

राजधानी के खालसा स्कूल चौक पर स्थापित राजकीय पशु वन भैंसा की प्रतिमा उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद बदहाली का शिकार हो गई है। करोड़ों नहीं, बल्कि लाखों रुपये की लागत से तैयार इस प्रतिमा के रखरखाव की जिम्मेदारी अब तक तय नहीं हो सकी है, जिसके कारण परिसर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
जीके टीएमटी के सीएसआर फंड से निर्मित इस प्रतिमा का निर्माण जनवरी 2026 में पूरा हुआ था और अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका लोकार्पण किया था। हालांकि उद्घाटन के बाद भी इसकी देखरेख किस विभाग को करनी है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
प्रतिमा परिसर में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं। कई महीनों से परिसर की लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। बताया गया है कि नगर निगम मुख्यालय की ओर से लाइट सुधारने के लिए जोन-4 को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
हाल ही में प्रतिमा के एक हिस्से का पत्थर टूटकर गिर गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत और रखरखाव नहीं किया गया तो प्रतिमा को और अधिक नुकसान हो सकता है।
जोन-4 की आयुक्त दिव्या चंद्रवंशी ने बताया कि प्रतिमा का अब तक नगर निगम को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इस संबंध में कोई पत्र भी प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निगम आगे की कार्रवाई कर सकेगा। फिलहाल जिम्मेदारी तय नहीं होने से प्रतिमा और उसके परिसर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।











