हाईकोर्ट का फैसला…1478 लेक्चरर बनेंगे प्राचार्य:फैसले के इंतजार में 126 व्याख्याता रिटायर हो गए; शिक्षक संघ ने वित्तीय लाभ देने की मांग की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र अग्रवाल ने प्राचार्य प्रमोशन के खिलाफ टीचर की याचिका को खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के 1478 व्याख्याताओं के प्राचार्य बनने का रास्ता साफ हो गया है।
दरअसल, प्रमोशन से असंतुष्ट शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके चलते प्रमोशन के बाद पोस्टिंग रोक दी गई थी। इस फैसले के इंतजार में 126 व्याख्याता बिना प्राचार्य पोस्टिंग के ही रिटायर हो गए। अब शिक्षक संघ ने रिटायर साथियों को भी वित्तीय लाभ देने की मांग की है।
अप्रैल 2025 में जारी हुई थी पदोन्नति सूची
बता दें, कि राज्य शासन के ई-संवर्ग के व्याख्याताओं को प्राचार्य प्रमोशन देने की प्रक्रिया शुरू की थी। वरिष्ठता सूची का परीक्षण के बाद 30 अप्रैल को शासन के बनाए गए नियम के अनुसार 1478 प्राचार्य की पदोन्नति सूची जारी की गई।
लेकिन, प्राचार्य पदोन्नति फोरम के साथ ही शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर पदोन्नति आदेश को चुनौती दी। इसमें बताया गया है कि, पहले कोर्ट के आदेश के बावजूद कई शिक्षकों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन देकर ज्वाइन करा दिया गया है।
इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि, यह न्यायालय की अवमानना का मामला है। आगामी आदेश तक की गई सभी ज्वाइनिंग को अमान्य कर दिया। फैसला आने के बाद एसोसिएशन ने 6 माह से रुके पोस्टिंग प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की है।
शासन ने कहा- नियमों के अनुसार दी पदोन्नति
हाईकोर्ट में चल रही याचिकाओं में एक मामला साल 2019 से जुड़ा हुआ है, जबकि अन्य याचिकाएं 2025 में बीएड और डीएलएड योग्यता से संबंधित हैं। इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रमोशन नियम को लेकर सभी कैटेगरी के शिक्षकों के हितों का ध्यान रखा गया है।
इसमें कोई गड़बड़ी नहीं की गई है। डिवीजन बेंच ने लंबी सुनवाई के बाद प्रमोशन से स्टे हटा दिया। वहीं, सिंगल बेंच में दूसरी याचिका लंबित होने के चलते प्रमोशन प्रक्रिया पांच माह तक अटक गई।
अब सिंगल बेंच ने भी शासन के पक्ष में दिया फैसला
इसमें पक्ष और विपक्ष में भी याचिका दायर की गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जिस पर गुरुवार (6 नवंबर) को जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल जी ने फैसला देते हुए शासन के पक्ष में आदेश दिया है। वहीं, याचिकाकर्ता शिक्षक नारायण प्रकाश तिवारी की याचिका को खारिज कर दी है।
फैसले के इंतजार में रिटायर हो गए 126 लेक्चरर
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि शासन के नियम 5 मई 2019 के तहत 30 अप्रैल को जारी की गई प्रमोशन आदेश के साथ टी संवर्ग के 1312 प्राचार्य की पदोन्नति कर दी गई है।
लेकिन, हाईकोर्ट में याचिका लंबित होने के कारण ई संवर्ग के 1478 प्राचार्य पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच 126 लेक्चरर प्रमोशन के इंतजार में रिटायर हो गए। अब हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद एसोसिएशन ने 6 माह से रुके पोस्टिंग प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की है।
प्राचार्य की पोस्टिंग के लिए अविलंब काउंसिलिंग की जाए। साथ ही उन्हें स्कूलों में पदस्थ किया जाए। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को पदोन्नत ई व टी संवर्ग के रिटायर साथियों को भी सभी वित्तीय लाभ दिया जाए।











