1 करोड़ की रिश्वत का आरोप और वायरल ऑडियो: ASI-आरक्षक लाइन अटैच, CSP राहुल बंसल को लेकर IG ने साफ की स्थिति

अंबिकापुर, 14 अगस्त 2026। ट्रेनी IPS और अंबिकापुर CSP राहुल बंसल पर साइबर ठगी के मामले में 1 करोड़ रुपए रिश्वत लेने के आरोप के बीच पुलिस ने कार्रवाई की है। वायरल ऑडियो सामने आने के बाद ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है।
सरगुजा IG दीपक कुमार झा ने बताया कि वायरल ऑडियो के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। हालांकि, CSP राहुल बंसल के खिलाफ 1 करोड़ रुपए के लेन-देन का कोई ठोस सबूत अब तक सामने नहीं आया है।
मामला अंबिकापुर साइबर सेल में दर्ज साइबर ठगी के एक केस की जांच से जुड़ा है। शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने आरोप लगाया है कि जांच में राहत देने और जल्द चालान पेश करने के बदले 1 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई। आरोप है कि ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा ने कथित तौर पर बिचौलियों की भूमिका निभाई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, रिश्वत की रकम हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपए की दो किश्तों में पहुंचाने की बात सामने आई। मामले से संबंधित कथित ऑडियो और WhatsApp चैट भी सामने आए हैं।
CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद
आकाश कुमार ने पहले CBI में शिकायत की थी। FIR दर्ज नहीं होने के बाद दिल्ली स्थित CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। शिकायत में ट्रेनी IPS राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
परिवाद के साथ शपथ-पत्र, WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में पेश किए गए हैं। मामले में छत्तीसगढ़ DGP को भी नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
20 लाख की साइबर ठगी से जुड़ा है मामला
पूरा मामला अंबिकापुर के क्रशर संचालक रवि मोहन गोस्वामी की शिकायत से शुरू हुआ था। आरोप है कि शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर ‘मनी ट्रेड 365’ और ‘स्काई ट्रेड’ एप इंस्टॉल कराकर उनसे 20 लाख 15 हजार रुपए की ठगी की गई।
शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में 84 किश्तों के जरिए रकम जमा की थी। पुलिस ने BNS और IT एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। CSP राहुल बंसल के नेतृत्व में जांच के दौरान अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
इसी जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में राहत देने के बदले 1 करोड़ रुपए की मांग की गई थी।
पुलिस का कहना है कि CSP के खिलाफ आरोपों से संबंधित कोई ठोस प्रमाण अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि वायरल ऑडियो के आधार पर ASI और आरक्षक को लाइन अटैच किया गया है।











