मैहर में जिंदा शिक्षक को सिस्टम ने किया मृत घोषित, ‘हमारे शिक्षक’ ऐप की बड़ी लापरवाही; 14 दिन बाद भी नहीं सुधरी गलती

मैहर: शिक्षा विभाग के डिजिटल सिस्टम की बड़ी लापरवाही मैहर में सामने आई है, जहाँ मनकहरी हाईस्कूल में पदस्थ एक जीवित शिक्षक को विभागीय पोर्टल ‘हमारे शिक्षक’ ऐप पर मृत घोषित कर दिया गया. हैरानी की बात यह है कि संबंधित शिक्षक पूरी तरह स्वस्थ हैं और रोज़ाना विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, फिर भी विभागीय रिकॉर्ड में वे मृत बताए जा रहे हैं.

मामला शासकीय हाईस्कूल मनकहरी में पदस्थ शिक्षक दामोदर प्रसाद साकेत से जुड़ा है. अचानक उनके पोर्टल लॉगिन और आईडी बंद हो जाने पर जब जानकारी ली गई, तो पता चला कि ऐप में उन्हें मृत दर्शा दिया गया है. इस गंभीर त्रुटि के चलते शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति, वेतन प्रक्रिया और विभागीय कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं.

14 दिन बीतने के बाद भी आईडी नहीं हुई सक्रिय

गलती सामने आने के बाद संकुल स्तर से लेकर जिला शिक्षा कार्यालय और भोपाल मुख्यालय तक सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन दो सप्ताह (14 दिन) बीत जाने के बाद भी शिक्षक की आईडी सक्रिय नहीं हो सकी है. इससे न केवल शिक्षक मानसिक रूप से परेशान हैं, बल्कि शैक्षणिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है.

जीरो एरर सिस्टम के दावों पर सवाल

यह मामला शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे डिजिटलाइजेशन और जीरो एरर सिस्टम के दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. एक जीवित शिक्षक को मृत घोषित कर देना न सिर्फ तकनीकी विफलता है, बल्कि यह दर्शाता है कि डेटा एंट्री और सत्यापन में कितनी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है.

शिक्षक और परिजनों में आक्रोश

शिक्षक दामोदर प्रसाद साकेत और उनके परिजन इस घटना से आहत और नाराज हैं. उनका कहना है कि विभागीय गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है. वे सम्मानपूर्वक नौकरी कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम की गलती ने उन्हें कागजों में “मृत” बना दिया.

प्रशासनिक चुप्पी

इस पूरे मामले में अब तक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है. न ही यह बताया गया है कि गलती किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.

भविष्य में न दोहराई जाए ऐसी चूक की मांग

स्थानीय शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि इस तरह की गंभीर त्रुटियों की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और शिक्षक को ऐसी अपमानजनक और परेशान करने वाली स्थिति का सामना न करना पड़े.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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