लोहे की 12 जंजीरों में बंधकर पहुंचा Khatu Dham.. केशव की आस्था देख भावुक हुए भक्त, सोशल मीडिया पर वायरल हुई श्रद्धा की मिसाल

Khatu Dham/राजस्थान के Khatu Dham में एक बार फिर आस्था की ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने हर किसी का दिल छू लिया।
उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले 21 वर्षीय केशव सक्सेना ने लोहे की भारी जंजीरों में बंधकर बाबा श्याम के चरणों तक 18 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी की। उनकी इस निःस्वार्थ श्रद्धा और समर्पण ने न सिर्फ मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को भावुक कर दिया बल्कि सोशल मीडिया पर भी तूफान मचा दिया है।
केशव सक्सेना ने अपने हाथ, पैर और कमर में लगभग 10 किलो वजनी 12 जंजीरें बांध लीं। मंगलवार दोपहर रींगस के प्राचीन श्याम मंदिर में पूजा अर्चना के बाद उन्होंने खुद को इन जंजीरों से बांधा और बुधवार शाम खाटूश्यामजी मंदिर में पहुंचकर यात्रा पूरी की। उनकी यात्रा केवल एक शारीरिक कठिनाई नहीं थी, बल्कि उनके जीवन की गहराई से जुड़ी भावनाओं का प्रतीक थी।
केशव की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। 9 साल की उम्र में माता-पिता ने उसे छोड़ दिया था।
तब से उसने बाबा श्याम को ही अपना सहारा बना लिया। पहली बार जब वह खाटू आया तो जेब में पैसे नहीं थे, इसलिए अकेले साइकिल से यात्रा की। आज वह नैनीताल के पास एक पानी की बोतल फैक्ट्री में काम करता है, लेकिन जब भी बाबा का बुलावा आता है, वह बिना किसी झिझक के निकल पड़ता है।
बीते दो वर्षों से केशव लोहे की जंजीरों में बंधकर ही बाबा श्याम की पदयात्रा कर रहा है। उसकी इस अनोखी भक्ति को देखकर राह चलते लोग भजन गाते हैं, वीडियो बनाते हैं और सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। उसकी रील्स वायरल हो चुकी हैं और हजारों लोग इस युवा की आस्था को नमन कर रहे हैं।
केशव का विश्वास अटूट है। उसका कहना है, “बाबा श्याम ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताकत हैं। जब भी मैं अकेला होता हूं, वही मेरा सहारा बनते हैं। बाबा की कृपा से ही ये सब संभव हो पाया है।”









