धारकुंडी आश्रम में परमहंस सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शनः मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम भी पहुंचे…       

मध्य प्रदेश: धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद उनकी पार्थिव देह सड़क मार्ग से रविवार को आश्रम लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं और अनुयायियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा.

पूरे क्षेत्र में गम और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला. जैसे ही गुरुदेव के पार्थिव शरीर के दर्शन श्रद्धालुओं को हुए, आश्रम परिसर जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा.

अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार नगर निगम परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह तोमर और संजय पटारिया सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक आश्रम पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित किए.

मुख्यमंत्री शाम सवा पांच बजे हेलीकॉप्टर से धारकुंडी पहुंचे। जहां उन्होंने स्वामी जी के अंतिम दर्शन कर अश्रुपूरित श्रदांजलि दी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी सरकार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. दिव्यात्मा का जानाहम सब के लिए कष्टकारी भी है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि अपने धाम में स्थान दें. कुंड का पानी पीते हुए सीएम. गेरुआ वस्त्र पहनाकर विराजित किया.

श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए परमहंस स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज की पार्थिव देह को गेरुआ वस्त्र धारण कर गद्दी पर ध्यान की मुद्रा में विराजित किया गया था। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत भावुक क्षण लेकर आया, जहां अनेक अनुयायी अश्रुपूरित नेत्रों से अपने गुरु को अंतिम प्रणाम करते नजर आए.

कल आश्रम परिसर में होगी समाधि
आश्रम प्रबंधन के अनुसार परमहंस स्वामी जी की समाधि सोमवार को आश्रम परिसर में निर्मित दिव्य स्थल पर दी जाएगी। समाधि की वैदिक प्रक्रिया के संबंध में मिर्जापुर के शक्तेशगढ़ से पधारे परमहंस अड़गड़ानंद स्वामी ने कलेक्टर और एसपी को विस्तार से जानकारी दी.

वे स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के गुरु भाई हैं और शनिवार शाम को ही आश्रम पहुंच गए थे। सनातन परंपरा के अनुसार विधि-विधान से समाधि कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा। आश्रम के अन्य संत, श्री श्री 1008 रामायण महाराज, वीरेन्द्र कुमार महाराज और विजय महाराज भी उपस्थित हैं.

सुरक्षा में तैनात रहे 500 पुलिसकर्मी
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे. रीवा रेंज से करीब 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी. संभागीय आयुक्त बीएस जामोद, आईजी गौरव राजपूत, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे.

22 वर्ष की उम्र में धारण किया था वैराग्य
परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने मात्र 22 वर्ष की आयु में वैराग्य धारण किया और अपना पूरा जीवन मानव कल्याण तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित कर दिया.

उन्होंने ‘मानस बोध’ और ‘गीता बोध’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की. इसके अलावा, आश्रम द्वारा उनके प्रवचनों और सारसंग्रह पर आधारित कई पुस्तकें प्रकाशित की गईं, जिनसे जिज्ञासु और साधक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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