बंगाल में ममता 3 बार CM रहीं, ओडिशा में 25 सालों से BJD सत्ता में… एंटी इनकम्बैंसी पर राहुल पर BJP का वार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है. उन्होंने यह भी कहा कि अब यहां एंटी इनकम्बैंसी कैसे काम नहीं करती. राहुल के हमले के बाद बीजेपी ने भी पलटवार किया और कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ शून्य है. कांग्रेस के लिए सत्ता के लाले पड़ गए हैं.

राहुल गांधी की पीसी खत्म होते ही बीजेपी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पर हमला किया. बीजेपी ने अपने हमले में कहा कि बिहार में 1990 के बाद से कभी कांग्रेस नहीं रही. यहां 3 बार लालू यादव की सरकार रही. 1999 के बाद से ओडिशा में कांग्रेस की सरकार नहीं रही है. 25 साल से भी अधिक समय तक बीजू जनता दल की सरकार रही. पश्चिम बंगाल में लगातार तीन बार ममता बनर्जी की सरकार रही. 1989 के बाद यूपी में जो गांधी परिवार का गृह राज्य था वहां भी कांग्रेस नहीं आई है. लेकिन शायद राहुल गांधी को यह पता नहीं है.

राहुल गांधी में राजनीतिक समझ की कमीः सुधांशु

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि वो कहते है कि पिछले 50 सालों से वह यह सब देख रहे हैं यानी 5-6 साल से ही वो सब जान रहे हैं. उनके राजनीतिक समझ की कमी है. राहुल की राजनीतिक समझ शून्य है. वह अपनी सीट समाजवादी पार्टी की मदद से जीत रहे हैं.

बीजेपी ने कहा, देश में जब से पारदर्शी चुनाव हो गए हैं. जब से सीसीटीवी आ गए हैं, जब से स्वतंत्र मीडिया और स्वतंत्र न्यायपालिका हो गई है तब से कांग्रेस के सामने सत्ता में आने के लिए लाले पड़ गए हैं. कांग्रेस में एंटी इनकंबेंसी गांधी परिवार के अंदर है. कांग्रेस के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी इतनी ज्यादा हो गई है कि वो बगैर किसी पार्टी के सहयोग से अपनी खानदानी सीट नहीं निकाल सकते. अमेठी और रायबरेली बिना सपा से समर्थन से नहीं जीत सकते. राजनीतिक दृष्टि से राहुल गांधी का ज्ञान बिल्कुल शून्य है.

जो मीडिया रिपोर्ट आई उसका आधार क्याः सुधांशु

उन्होंने कहा, “एक न्यूज रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है. लेकिन मैं एक सवाल करना चाह रहा हूं कि क्या उसमें कोई कोट है. एक भी ऐसी रिपोर्ट है जिसमें यह कहा गया हो कि फैसला सर्वसम्मति से न हुआ हो. जो रिपोर्ट सामने आई है उसका आधार क्या है. उसमें किसी भी चुनाव आयुक्त का कोई कोट नहीं है.”

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close