पंजाब में ED की छापेमारी पर गरमाई सियासत, सिसोदिया बोले- भ्रष्टाचार का सबूत नहीं मिलने वाला

पंजाब में पिछले कुछ दिनों से जारी ED की रेड्स और कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है. मोहाली में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के दफ्तर पर मंगलवार से शुरू हुई ED रेड को लेकर पंजाब सरकार की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार देर रात एक विशेष सुनवाई की, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब सरकार के शीर्ष अफसरों को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखने के मामले में सख्त कदम उठाया गया.
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के कार्यालयों में ED की 36 घंटे से अधिक समय से चली छापेमारी के बीच पंजाब सरकार ने रात 10 बजे व्हाट्सएप के माध्यम से एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी. याचिका में आरोप लगाया गया कि आईएएस अधिकारी विकास गर्ग (आवास और शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव), संदीप ऋषि और गमाडा के कई वरिष्ठ अधिकारियों को जांच के बहाने 22 सितंबर से घर नहीं जाने दिया गया और उनके साथ बंधक जैसा व्यवहार किया जा रहा है.
HC ने वारंट ऑफिसर की नियुक्ति का दिया आदेश
जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ के सामने रात 1 बजे से अधिक समय तक चली इस विशेष कार्यवाही के बाद अदालत ने ED के तलाशी और जब्ती अभियान की सख्त निगरानी के लिए एक वरिष्ठ रैंक के वारंट ऑफिसर की नियुक्ति करने का आदेश दिया. हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि वारंट अफसर किसी भी समय GMADA परिसर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लें और ये जांचें कि क्या अधिकारियों या संगठन के खिलाफ कोई प्राथमिक अपराध दर्ज है या नहीं.
इसके अलावा अगर कोई महिला अधिकारी वहां बंद पाई जाती है, तो उसे तुरंत रिहा करने और चंडीगढ़ पुलिस को वारंट अफसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए. अदालत ने इस पूरे मामले में 24 सितंबर को दोपहर 2 बजे तक सीलबंद स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया.
पंजाब-चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले 5 दिनों में मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है. इस बड़े एक्शन का मुख्य केंद्र मोहाली और चंडीगढ़ रहे हैं, जहां जांच एजेंसी ने 48 घंटे से भी अधिक समय तक पंजाब सरकार के रिकॉर्ड खंगाले हैं.
मोहाली के पंजाब अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी भवन (PUDA) स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के दफ्तर में मंगलवार से लगातार रेड चली जो गुरुवार की दोपहर को खत्म हुई. ईडी ने GMADA दफ्तर के तीन फ्लोर सील कर दिए और भूमि अधिग्रहण, सीएलयू (CLU) रियायतों व नीलामी से जुड़े अहम रिकॉर्ड जब्त किए हैं.
राजस्व मंत्री के भतीजे के आपास पर भी छापेमारी
आवास एवं शहरी विकास विभाग के पंजाब सरकार के दफ्तर के चंडीगढ़ और मोहाली स्थित दफ्तरों में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत सर्वे किया गया. आवास और शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग के आवास पर भी छापेमारी की गई. चंडीगढ़ के सेक्टर-19 में स्थित आईएएस अधिकारी राजीव गुप्ता के सरकारी आवास पर भी ED की टीमों ने दबिश दी. इसके अलावा लुधियाना जिले के साहनेवाल में पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भतीजे गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के आवास पर भी ED ने छापेमारी की.
तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स, रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स और एमबी इंफ्राबिल्ड से जुड़े प्रमोटरों के ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई, जिन्होंने GMADA से कथित तौर पर अवैध वित्तीय रियायतें ली थीं. इसी मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वारंट ऑफिसर ने गुरुवार दोपहर 2 बजे सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंप दी है.
AAP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पंजाब के अलग-अलग इलाकों में चली ED की रेड्स के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. गुरुवार को मोहाली के GMADA दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जमा हुए और केंद्र सरकार पर ED का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और कहा कि जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां पर ED की टीमों को आगे करके एक दबाव की राजनीति करने का प्रयास केंद्र और बीजेपी द्वारा किया जाता है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि पंजाब के सरकारी अफसरों को ED के नाम पर डराया जा रहा है और इसके साथ ही पंजाब के आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों पर भी दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
कैबिनेट मंत्री ने बीजेपी पर साधा निशाना
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ED पर राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि उनके भतीजे के घर छापेमारी के दौरान ED अधिकारियों ने परिवार की महिलाओं और एक गर्भवती महिला को भी प्रताड़ित किया और उनपर ‘AAP’ छोड़कर BJP में शामिल होने का दबाव उनके परिवार के माध्यम से बनाया गया. मुंडियां ने ED अधिकारियों के नशे में होने का आरोप भी लगाया और स्पष्ट किया कि 16 घंटे की तलाशी में एजेंसी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, जिसके चलते वो लिखित रूप में क्लीन चिट देकर गए हैं. साथ ही उन्होंने अपने विदेश भागने की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि वो चंडीगढ़ में ही हैं और केंद्रीय एजेंसियों की इस धक्केशाही से डरने वाले नहीं हैं.
मनीष सिसोदिया ने भी बीजेपी पर बोला हमला
आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ED की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर जमकर हमला बोला. सिसोदिया ने मीडिया के सामने केंद्रीय जांच एजेंसी की तीखी आलोचना करते हुए उसे ‘मोदी की डकैत सेना’ करार दिया, जो विपक्ष को डराने-धमकाने और राज्यों में चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने का जरिया बन चुकी है.
सिसोदिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को ‘कट्टर ईमानदार’ बताते हुए केंद्र को खुली चुनौती दी कि वो चाहे जितनी भी रेड डलवा लें, पंजाब में उन्हें कुछ नहीं मिलने वाला है, क्योंकि AAP के नेता इन छापों के दबाव में कभी नहीं झुकेंगे. चुनाव नजदीक आते ही पंजाब पर कब्जा करने की नीयत से ED की रेड करवाई जा रही है, जहां ED अधिकारी लोगों के घरों के ताले तोड़कर घुस रहे हैं. उन्होंने चुनौती दी कि पंजाब में कट्टर ईमानदार सरकार चल रही है, इसलिए चाहे चार लाख ED अफसर भी आ जाएं, तो भी उन्हें यहां भ्रष्टाचार का एक भी सबूत नहीं मिलने वाला है.
बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू का AAP पर पलटवार
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने GMADA जांच और ED मामले में हो रहे आम आदमी पार्टी के विरोध प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी जांच से ध्यान भटकाने के लिए प्रदर्शन का नाटक कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि ED की इस बड़ी कार्रवाई के डर से पंजाब सरकार सकते में है. बिट्टू ने कहा कि जांच को राजनीतिक रंग देने के बजाय सरकार को जांच एजेंसी के सामने दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए, क्योंकि दबाव की राजनीति से केंद्रीय एजेंसियों की कानूनी कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता.
रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को GMADA दफ्तर में उग्र प्रदर्शन के दौरान ED के अधिकारियों से उनके मोबाइल फोन, जरूरी दस्तावेज और बरामद किए गए समान और दस्तावेजों को छीनने के इरादे से भेजा था.
ब्यूरो रिपोर्ट, TV9 भारतवर्ष











