ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए…CEC के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा, आज देशभर में प्रदर्शन

राहुल गांधी के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर हमला बोलने के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले दिन से ही बीजेपी द्वारा नियंत्रित मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘बड़े पैमाने पर वोट चोरी’ अभियान को बेनकाब कर रहे थे.
हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि अब यह सच सबके सामने आ चुका है. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में संवैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर फैसले लिए गए, जिसके कारण ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए.
ज्ञानेश कुमार का देश-विरोधी काम का खुलासा
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बड़े खुलासों के बाद, ज्ञानेश कुमार का देश-विरोधी काम सबके सामने आ गया है. लोकतंत्र के खिलाफ उनके देश-विरोधी कामों के लिए उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस अहम मुद्दे पर सड़कों पर उतरेगी.
कांग्रेस कमेटियों को विरोध मार्च निकालने का निर्देश
उन्होंने कहा कि सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCCs) को निर्देश दिया गया है कि वे 25 सितंबर (आज) को अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग के दफ्तरों तक बड़े विरोध मार्च निकालें. वे उनकी तुरंत गिरफ्तारी, उन्हें पद से हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए सभी फैसलों और वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों की पूरी और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग करेंगी.
ज्ञानेश कुमार को पद से हटना ही होगा
विरोध प्रदर्शन के दूसरे चरण में, सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCCs) सोमवार, 28 सितंबर को अपने-अपने जिला कलेक्ट्रेट तक इसी तरह के बड़े विरोध मार्च आयोजित करेंगी. वेणुगोपाल ने कहा कि ज्ञानेश को पद से हटना ही होगा और उनके सभी फैसलों को पलटना होगा. जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, जेल नहीं भेजा जाता और हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा.
चुनाव प्रक्रिया को किया कमजोर
वेणुगोपाल ने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज से चुनाव प्रक्रिया कमजोर हो रही है. वेणुगोपाल ने इंडियन एक्सप्रेस की उस खबर का जिक्र किया, जिसमें निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी आंकड़ों तक पहुंच समेत मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराए जाने की बात कही गई थी.
‘हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा करनी है’
वेणुगोपाल ने कहा कि हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा करनी है. आज हम स्तब्ध हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने एक बड़ी खबर प्रकाशित की है, जो गोवा चुनाव से भी जुड़ी है. दो चुनाव आयुक्त सामने आए हैं और उन्होंने पत्र लिखे हैं. उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कई बार याद दिलाया कि लोकतंत्र को नष्ट न करें, मतदाता सूची को नष्ट न करें और नये मतदाताओं को परेशान न करें.
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि गोवा में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए. वेणुगोपाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब गोवा के 38 निवासियों ने अपने नाम हटाए जाने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत की, तो उसने उनके नाम फिर शामिल करने की सिफारिश की, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसकी अनुमति नहीं दी.
प्रधानमंत्री मोदी के एजेंट
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इसकी अनुमति नहीं दी. यह एक उदाहरण है कि बीजेपी मतदाता सूची के जरिए क्या कर रही है. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि ऐसा पूरे देश में हो रहा है. उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कहते रहे हैं कि सीईसी प्रधानमंत्री मोदी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और दावा किया कि बीजेपी सरकार द्वारा नियुक्त निर्वाचन आयुक्तों की टिप्पणियों से यह आरोप सही साबित हुआ है.
चुनाव प्रणाली को नियंत्रण में लेने की साजिश
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार ने भारतीय चुनाव प्रणाली को अपने नियंत्रण में लेने की साजिश की. उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी या राज्य निर्वाचन आयोग के पास मतदाता सूचियों तक पहुंच नहीं है, क्योंकि इन्हें दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के आईटी विभाग द्वारा नियंत्रित किया जाता है. वेणुगोपाल ने दावा किया कि इन सूचियों में केंद्रीय स्तर पर हेरफेर किया जा सकता है.











