MI-CSK का हुआ बार्सिलोना-रियल मैड्रिड जैसा हाल… 5 ट्रॉफी के बाद लंबा इंतजार!

MI-CSK का हुआ बार्सिलोना-रियल मैड्रिड जैसा हाल… 5 ट्रॉफी के बाद लंबा इंतजार!

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत कुछ खास नहीं रही है. चेन्नई सुपर किंग्स ने लगातार 3 मुकाबले गंवाए हैं. वहीं, मुंबई इंडियंस 3 में से 1 मैच ही जीत सकी है. मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स भले ही लीग की सबसे सफल टीमें हैं, दोनों ने 5-5 बार खिताब अपने नाम किया है. लेकिन पिछले कुछ सीजन से इनका डाउनफॉल काफी चौंकाने वाला है. लेकिन ये पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी खेल जगत की कई बड़ी टीमों को 5-5 बार खिताब जीतने के बाद एक मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा हैं. आइए इस पैटर्न को समझते हैं.

IPL में मुंबई इंडियंस-चेन्नई सुपर किंग्स का डाउनफॉल

मुंबई इंडियंस ने 2020 में अपना पांचवां आईपीएल खिताब जीता था. रोहित शर्मा की कप्तानी में यह जीत काफी यादगार रही. लेकिन उसके बाद MI को लगातार संघर्ष करना पड़ा है. प्लेऑफ में पहुंचना भी मुश्किल हो गया है और टीम को अपनी पुरानी छाप छोड़ने में भी समय लग रहा है.

इसी तरह, चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने भी 2023 में अपना पांचवां आईपीएल टाइटल जीता था. एमएस धोनी की अगुवाई वाली यह टीम आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शुमार है. पांचवीं ट्रॉफी के बाद सीएसके को भी अच्छे प्रदर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा है. दोनों ही टीमों का डाउनफॉल फैंस को काफी हैरान कर रहा है.

फुटबॉल में बार्सिलोना-रियल मैड्रिड के साथ भी हुआ कुछ ऐसा

फुटबॉल की यूईएफए चैंपियंस लीग (UCL) में भी यही पैटर्न दिखने को मिला है. बार्सिलोना ने 2015 में अपना पांचवां यूसीएल खिताब जीता था. लियोनेल मेसी, लुइस सुआरेज और नीमार की त्रिमूर्ति वाली उस टीम ने इतिहास रचा था. लेकिन उसके बाद बार्सिलोना को छठी ट्रॉफी के लिए अभी भी इंतजार है. टीम ने कई बार कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली है.

दूसरी ओर, रियल मैड्रिड ने अपनी पांचवीं यूसीएल ट्रॉफी 1960 में जीती थी. उसके बाद छठी ट्रॉफी हासिल करने में उन्हें पूरे 32 साल लग गए. 1998 में वह दोबारा चैंपियन बने. यह लंबा इंतजार दिखाता है कि बड़े क्लबों को भी सफलता बनाए रखने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है.

भारतीय क्रिकेट टीम ने भी किया 11 साल का इंतजार

भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी पांचवीं आईसीसी ट्रॉफी 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर हासिल की थी. धोनी की कप्तानी में यह जीत काफी खास थी. उसके बाद छठी आईसीसी ट्रॉफी के लिए टीम को 11 साल का इंतजार करना पड़ा. 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीतकर भारत ने यह सूखा खत्म किया था. यह तुलना बताती है कि खेल में पांच ट्रॉफियां हासिल करना ही काफी नहीं होता. उसके बाद की चुनौतियां अकसर ज्यादा बड़ी होती हैं, चाहे वह नए खिलाड़ियों को तैयार करना हो, टीम बैलेंस बनाए रखना हो या दबाव से निपटना हो.

jagjaahir desk

जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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