एक साल में 1.61 करोड़ टका बढ़ी मोहम्मद यूनुस की संपत्ति, चुनाव से पहले संपत्ति का ब्योरा जारी

बांग्लादेश में संसदीय चुनाव से ठीक पहले अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस और अन्य सलाहकारों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक कर दिया गया है। कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक मोहम्मद यूनुस की कुल संपत्ति 15 करोड़ 62 लाख 44 हजार 65 टका दर्ज की गई है।

पिछले वर्ष उनकी संपत्ति 14 करोड़ 13 लाख 96 हजार 73 टका थी। इस तरह एक साल में उनकी कुल संपत्ति में 1 करोड़ 61 लाख 4 हजार 392 टका की बढ़ोतरी हुई है। यूनुस ने बताया कि सेविंग्स सर्टिफिकेट को भुनाने, टर्म डिपॉजिट में वृद्धि और विरासत में मिले शेयरों के कारण उनकी संपत्ति में इजाफा हुआ है।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, आयकर कानून के तहत किसी व्यक्ति की चल, अचल, वित्तीय और पूंजीगत संपत्ति को जोड़कर कुल संपत्ति घोषित की जाती है। इसी आधार पर अंतरिम सरकार के सलाहकारों की संपत्ति का आकलन किया गया है।

मोहम्मद यूनुस की पत्नी अफरोजी यूनुस की कुल संपत्ति 1 करोड़ 27 लाख 63 हजार 360 टका दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष 2 करोड़ 11 लाख 77 हजार 278 टका थी। इस प्रकार उनकी संपत्ति में लगभग 84 लाख टका की कमी आई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी नीति को स्पष्ट करते हुए मोहम्मद यूनुस ने अगस्त 2024 में घोषणा की थी कि सभी सरकारी सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से अपनी आय और संपत्ति का खुलासा करना होगा। इसके बाद अक्टूबर 2024 में संपत्ति और आय के खुलासे से जुड़ी नीति लागू की गई थी।

नीति के तहत अंतरिम सरकार के सलाहकारों और समान पदों पर कार्यरत अधिकारियों को हर वर्ष आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि के 15 कार्यदिवसों के भीतर अपनी संपत्ति और आय का विवरण कैबिनेट डिवीजन के माध्यम से जमा करना अनिवार्य है। इसमें जीवनसाथी की अलग आय का विवरण देना भी जरूरी होता है।

हालांकि, समय पर विवरण सार्वजनिक न होने को लेकर सरकार की आलोचना भी हुई थी। इस पर चीफ एडवाइजर के प्रेस सचिव ने पहले ही संकेत दिया था कि जल्द ही सभी सलाहकारों के एसेट स्टेटमेंट जारी किए जाएंगे।

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में अवामी लीग सरकार के पतन के बाद प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ था। वर्तमान में सलाहकार परिषद में कुल 21 सदस्य हैं, जिनमें चीफ एडवाइजर भी शामिल हैं। इसके अलावा विशेष सहायक और सुरक्षा सलाहकार भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं।

चुनाव से पहले संपत्ति का सार्वजनिक होना पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इसे अंतरिम सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com