सहारनपुर देवबंद पर मुख्तार अब्बास नकवी का बड़ा बयान, बोले- दहशत नहीं, देशभक्ति की हो शिक्षा

सहारनपुर: सहारनपुर देवबंद से एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक संस्था दारुल उलूम देवबंद को लेकर बड़ा बयान दिया है.
रविवार को देवबंद पहुंचे नकवी ने कहा कि आज जो कुछ दारुल उलूम में हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक और अफसोसजनक है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों में दहशतगर्दी की नहीं, बल्कि देशभक्ति, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की शिक्षा दी जानी चाहिए. मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दारुल उलूम देवबंद को केवल किसी विशेष जमात या विचारधारा तक सीमित न रहकर देश के विकास और प्रगति के बारे में भी सोचना चाहिए. यह बयान उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के उस बयान के जवाब में दिया, जिसमें हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर टिप्पणी की गई थी.
नकवी ने कहा कि जो लोग दहशत और नफरत की शिक्षा देते हैं, वे देश और समाज के हित में काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि आज विश्व के कई इस्लामिक देश भारत के प्रधानमंत्री को स्वीकार कर रहे हैं और उन्हें सर्वोच्च सम्मान दे रहे हैं. ऐसे में भारतीय मुसलमानों को भी यह समझना होगा कि वे कब तक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का शिकार बनते रहेंगे.
मौलाना अर्जिस अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए नकवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल भी भारत का ही हिस्सा है और देश को बांटने की सोच रखने वाले लोग किसी समाज के हितैषी नहीं हो सकते. देवबंद की धरती से आए इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.











