नक्सलियों का बयान: सरेंडर से पार्टी को नुकसान, CRB क्षेत्र में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलियों का नया प्रेस नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने लगातार हो रहे आत्मसमर्पणों पर चिंता जताई है। नक्सलियों के पूर्वी रीजनल ब्यूरो (CRB) और तेलंगाना स्टेट कमेटी ने कहा है कि बढ़ते सरेंडर से पार्टी की ताकत कमजोर हो रही है। इस बीच नक्सलियों ने CRB क्षेत्र में एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की है, जिसे अप्रत्याशित कदम बताया जा रहा है।

बस्तर में पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। इनमें कई माओवादी कमांडर और सशस्त्र दस्ते के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस के बढ़ते दबाव, बेहतर पुनर्वास नीति और आत्मसमर्पण करने वालों को दिए जा रहे लाभों के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में अब संघर्ष कम होता जा रहा है।

नक्सल संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि सरेंडर अभियान से संगठन की साख और जनाधार दोनों को नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि कई कार्यकर्ता डर या लालच में संगठन छोड़ रहे हैं, जिससे पार्टी की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, नक्सलियों द्वारा जारी युद्धविराम का उद्देश्य अपने खोए हुए नेटवर्क को पुनर्गठित करना और नए रणनीतिक फैसले लेना हो सकता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस घोषणा को लेकर सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों की इस शांति की अपील के पीछे कोई नई चाल भी हो सकती है, इसलिए सभी इलाकों में गश्त और खुफिया निगरानी बढ़ा दी गई है।

बस्तर रेंज के आईजी ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण नीति का असर साफ दिख रहा है और बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाह रहे हैं। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अब इलाके में पहले जैसी दहशत नहीं रही और विकास कार्यों में तेजी आई है।