कृषि छात्रों के लिए नया नियम, पौधे की देखरेख पर ही मिलेगा ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट

मध्य प्रदेश में कृषि शिक्षा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए एक नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत कृषि के छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान एक पौधा लगाकर उसकी देखरेख करना अनिवार्य किया गया है।
इस योजना के अनुसार, बीएससी कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले प्रत्येक छात्र को एक पौधा रोपना होगा और चार साल की पढ़ाई पूरी होने तक उसकी जिम्मेदारी निभानी होगी। डिग्री के साथ ‘ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट’ तभी दिया जाएगा, जब छात्र का लगाया हुआ पौधा जीवित और स्वस्थ पाया जाएगा।
राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित कृषि महाविद्यालयों में सत्र 2025-26 के दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं को इस योजना के तहत शामिल किया गया है। सभी छात्रों को कॉलेज परिसर में ही पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सप्ताह में एक दिन विशेष रूप से पौधों की देखभाल के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समिति भी बनाई गई है।
यदि किसी कारण से छात्र द्वारा लगाया गया पौधा सूख जाता है या खराब हो जाता है, तो उसे नया पौधा लगाना होगा। इस नियम का पालन अनिवार्य किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है, ताकि वे प्रकृति से जुड़ाव महसूस करें और सतत विकास की दिशा में योगदान दे सकें।










