पोस्ट में सतीश सालियान का नाम तक नहीं… 500 करोड़ के मानहानि नोटिस पर आदित्य ठाकरे का जवाब

महाराष्ट्र में दिशा सालियान मामले को लेकर आदित्य ठाकरे की ओर से सतीश सालियान के 17 सितंबर 2026 के कानूनी नोटिस का जवाब दिया गया है. आदित्य ठाकरे के वकील एडवोकेट अंशुमान सिन्हा ने 23 सितंबर को जवाब भेजते हुए नोटिस में लगाए गए सभी आरोपों, दावों और मांगों को खारिज किया है.
कानूनी जवाब में कहा गया है कि 16 सितंबर 2026 को आदित्य ठाकरे के आधिकारिक X अकाउंट से किए गए दोनों पोस्ट में सतीश सालियान का नाम न तो लिया गया और न ही उन्हें पहचानने वाला कोई स्पष्ट संदर्भ दिया गया. वकील के मुताबिक, नोटिस में पोस्ट के शब्दों को दूसरे दस्तावेजों, शिकायतों, मीडिया रिपोर्ट और राजनीतिक घटनाक्रम के साथ जोड़कर एक अलग अर्थ निकालने की कोशिश की गई है.
मैं दिशा सालियान को जानता तक नहीं
जवाब में आदित्य ठाकरे के उस बयान को दोहराया गया है कि मैं दिशा सालियान से कभी मिला या उन्हें जाना तक नहीं. वकील ने कहा कि आदित्य ठाकरे अपने इस बयान पर कायम हैं. साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट को अपने खिलाफ लगाए गए गंभीर और अप्रमाणित आरोपों का जवाब बताया है.
CBI जांच को लेकर भी जवाब
कानूनी जवाब में कहा गया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने जांच के निर्देश देते समय किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की थी और यह भी निर्देश दिया था कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पर्याप्त आधार सामने आने तक किसी को आरोपी नहीं माना जाए. जवाब में कहा गया है कि जांच को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए और जांच को किसी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता.
पोस्ट राजनीतिक और मीडिया अभियान के जवाब में
आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि उनके पोस्ट का निशाना सतीश सालियान नहीं, बल्कि उनके खिलाफ चल रहा कथित राजनीतिक और मीडिया अभियान था. जवाब में कहा गया है कि पोस्ट में few individuals और vested interests जैसे शब्द व्यापक राजनीतिक और मीडिया अभियान के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए थे और इन्हें किसी एक व्यक्ति से जोड़ना उचित नहीं है.
₹500 करोड़ के दावे को बताया निराधार
कानूनी जवाब में सतीश सालियान की ओर से मांगे गए ₹500 करोड़ के मुआवजे को भी खारिज किया गया है. वकील ने कहा कि नोटिस में न तो किसी विशिष्ट मानहानिकारक बयान की पहचान की गई है, न वास्तविक नुकसान का कोई आधार या गणना बताई गई है.
पोस्ट हटाने और माफी मांगने से भी इनकार
आदित्य ठाकरे की ओर से दोनों पोस्ट हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और अंग्रेजी तथा मराठी में सोशल मीडिया पर माफीनामा प्रकाशित करने की मांग भी खारिज कर दी गई है. जवाब में कहा गया है कि पोस्ट में कोई झूठा या मानहानिकारक बयान नहीं है और इसलिए पोस्ट हटाने या माफी की कोई वजह नहीं है.
कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग का विरोध
जवाब में यह भी कहा गया है कि निजी कानूनी नोटिस के जरिए किसी व्यक्ति को जांच एजेंसी की तरह निर्देश नहीं दिए जा सकते. आदित्य ठाकरे की ओर से कहा गया है कि उन्होंने CBI जांच में कोई बाधा नहीं डाली है और वे कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे.
कुल मिलाकर, जवाबी नोटिस में आदित्य ठाकरे ने सतीश सालियान के सभी मानहानि संबंधी दावों और ₹500 करोड़ के मुआवजे की मांग को खारिज करते हुए अपने 16 सितंबर के अंग्रेजी और मराठी पोस्ट पर कायम रहने की बात कही है.











