दीप जलाने को लेकर भूपेश बघेल के सवाल पर अरुण साव का पलटवार, बोले- कांग्रेस को जनता का प्यार-दुलार पसंद नहीं आता

रायपुर, 17 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ में लाखों दीप जलाए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवालों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यों के सम्मान में जनता आशीर्वाद के दीप जला रही है।
अरुण साव ने कहा, “उन्हें जहां हिसाब मांगना है, वहां मांगें। 140 करोड़ जनता के आशीर्वाद के दीप जल रहे हैं। कांग्रेस का दिल जल रहा है तो जलता रहे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का जनसेवा से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 25 वर्षों से लगातार देश की सेवा कर रहे हैं। इस अवसर पर देशभर में लोग दीप जलाकर उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। साव ने कांग्रेस की टिप्पणियों पर कहा कि जनता का प्यार देखकर कांग्रेस और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के दिल जल रहे हैं।
महंगाई-बेरोजगारी दिवस पर भी कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस द्वारा महंगाई और बेरोजगारी दिवस मनाए जाने को लेकर भी अरुण साव ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दिल जल रहा है, इसलिए वह इस तरह की बातें कर रही है।
साव ने कहा कि कांग्रेस महंगाई को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर पाकिस्तान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि कांग्रेस नेताओं को पाकिस्तान जाकर वहां महंगाई की स्थिति देखनी चाहिए। उनके मुताबिक, भारत में केंद्र सरकार के आर्थिक प्रबंधन के कारण महंगाई की स्थिति दुनिया के मुकाबले नियंत्रित है।
CGPSC परीक्षा को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
CGPSC 2025 परीक्षा में दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार स्थगित किए जाने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने षड्यंत्र कर PSC घोटाला किया और जिनके तार बड़े लोगों से जुड़े होने की बात सामने आई, उन्हें भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।
अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है।
अवैध निर्माण पर अधिकारियों को दिए निर्देश
रावतपुरा फेस-2 में बिना लेआउट के बने करीब 40 मकानों पर निगम की कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि निर्माण के दौरान ही अधिकारियों को सजग रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण को शुरुआत में ही रोकना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। जब भी अवैध निर्माण की जानकारी सामने आई है, उसकी जांच कर कार्रवाई की गई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भविष्य में अवैध निर्माण होने ही न पाए, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।











