बड़वानी में अवैध गांजे की खेती पर पुलिस का शिकंजा, 1753 पौधे किए जब्त, आरोपी फरार, तलाश जारी


बड़वानी: मध्यप्रदेश में अवैध नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज है। कई जिलों में पुलिस भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त कर आरोपियों पर शिकंजा कस रही है। इसी बीच, बड़वानी जिले में पुलिस ने गांजे की खेती का भंडाफोड़ किया है एवं मौके से गांजे के पौधे जब्त किये हैं। वहीं, गांजे की खेती करने वाले आरोपी फरार बताये गये हैं।
बता दें कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ ऑपरेशन ग्रीन स्ट्राइक चलाया जा रहा है। जिसके तहत सिलावद और वरला पुलिस ने दो गांवों (ग्राम काजलमाता और बोरपड़वा) में कार्रवाई कर 1,753 गांजे के पौधे जब्त किये हैं। जब्त किये गांजे के पौधों का कुल वजन 4 क्विंटल 28 किलो 840 ग्राम और अनुमानित कीमत 41 लाख 98 हजार रुपये बताई गई है। सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने कार्रवाई को लेकर खुलासा किया।
सिलावद पुलिस ने खेत से गांजे के 37 हरे पौधे किए जब्त
बता दें कि थाना सिलावद और वरला पुलिस ने यह अलग-अलग कार्रवाई की। जानकारी अनुसार, दोनों ही थाना क्षेत्रों में मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो गांवों काजलमाता और बोरपड़वा में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई। पहली कार्रवाई सिलावद थाना पुलिस ने ग्राम काजलमाता में की। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर खेत की घेराबंदी की और तलाशी ली। यहां एक खेत से गांजे के 37 हरे पौधे जब्त किये गये। इनका वजन 9 किलो 840 ग्राम और अनुमानित कीमत 98 हजार रुपये बताई गई है।
बोरपड़वा में खेत से गांजे के 1,716 हरे पौधे बरामद
वहीं दूसरी कार्रवाई वरला थाना पुलिस ने ग्राम बोरपड़वा में की। ग्राम बोरपड़वा में वरला थाना प्रभारी नारायण रावल ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर सेंधवा अनुभाग की विशेष टीम गठित की। पुलिस ने आधुनिक तकनीक और ड्रोन की मदद से खेतों की सघन तलाशी ली। यहां खेत से गांजे के 1,716 हरे पौधे बरामद किये गये। इनका वजन 4 क्विंटल 19 किलो और अनुमानित कीमत 41 लाख रुपये आंकी गई है।
आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
बता दें कि पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित थानों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोनों मामलों में आरोपी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।











