मतदाता सूची से नाम कटवाने की ‘साजिश’ पर बवाल! सपा विधायक की पत्नी समेत 124 फर्जी फॉर्म, 7 पकड़े जाने का दावा…

बलिया: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बीच ‘फॉर्म-7’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. ताजा मामला यूपी के बलिया जिले से सिकंदरपुर विधानसभा से सामने आया है, जहाँ सिवान कला गांव के ग्रामीणों ने मतदाता सूची से सामूहिक रूप से नाम कटवाने की बड़ी साजिश का आरोप लगाया है. दावा किया कि सिकन्दरपुर के सपा विधायक जियाउद्दीन रिजवी के पत्नी का भी नाम शामिल है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद, विपक्षी खेमे द्वारा साजिश के तहत उनके नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 (नाम हटाने हेतु आवेदन) भरे जा रहे हैं. ग्रामीणों ने दावा किया है कि उन्होंने अब तक 124 फर्जी फॉर्म-7 पकड़े हैं, जिन्हें बिना संबंधित मतदाताओं की जानकारी के जमा करने की कोशिश की जा रही थी.
प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस मामले की जानकारी पहले उपजिलाधिकारी (SDM) को दी गई थी, लेकिन उचित कार्रवाई न होने के बाद उन्हें जिला मुख्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा. पीड़ित पक्ष ने अब जिलाधिकारी (DM) को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
लगे गंभीर सियासी आरोप
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा है. उनका आरोप है कि-
• एक खास वर्ग और विचारधारा के लोगों को निशाना बनाकर मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है.
• बड़े पैमाने पर फर्जी हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान का उपयोग कर फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं.
• बीएलओ (BLO) की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है.
कहा “हमारा नाम ड्राफ्ट लिस्ट में है, फिर भी उसे काटने की साजिश रची गई. हमने 124 फर्जी फॉर्म रंगे हाथों पकड़े हैं. अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ होगा.”-
बलिया जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है. अब देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन इन आरोपों की सत्यता की जांच कैसे करता है और क्या फर्जी फॉर्म भरने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.











