PM मोदी के वीडियो पर संजय सिंह का पलटवार, बोले- “आपकी मां मां हैं तो क्या हमारी मां नहीं?”

संजय सिंह ने कहा, “मोदी जी, आपकी मां को सिर झुकाकर नमन। लेकिन यह भी बताइए कि आपकी मां मां हैं और क्या मेरी मां मां नहीं हैं?” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सभी महिलाओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी महिला के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है।
आप सांसद ने कहा कि जब प्रधानमंत्री विपक्ष को लेकर कोई टिप्पणी करते हैं, तो उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि विपक्षी दलों में काम करने वाली महिलाएं भी किसी की मां, बहन और बेटी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक मतभेदों के आधार पर महिलाओं के सम्मान को अलग-अलग नजरिए से देखा जाना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति स्वाभाविक है, लेकिन भाषा और व्यवहार की मर्यादा सभी पक्षों को बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विमर्श में दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए और सभी महिलाओं के सम्मान को समान महत्व दिया जाना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मां के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की मां को गाली देना गलत है और सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आप सांसद ने अपने बयान में कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर किसी के परिवार या माता-पिता को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक विमर्श में सभी पक्षों को संयम और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अतीत में विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिन पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं देखने को मिली। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर इस तरह के मुद्दों पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं और बताते हैं कि ऐसी टिप्पणियां उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करती हैं।
PM मोदी के वीडियो पर संजय सिंह का जवाब
संजय सिंह ने कहा कि उनकी लड़ाई BJP की नीतियों और विचारधारा से है, न कि किसी व्यक्ति विशेष से। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि यदि वे एक दिन उनका मोबाइल फोन अपने पास रखें तो उन्हें यह समझ आएगा कि उन्हें किस तरह के फोन कॉल और संदेश मिलते हैं। उन्हें रोजाना बड़ी संख्या में आपत्तिजनक और धमकी भरे कॉल आते हैं। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उन्हें तथा उनके परिवार को निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणियां की जाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि देश में बढ़ती कटुता और ऑनलाइन अभद्रता पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक जीवन में संवाद की भाषा मर्यादित और सम्मानजनक होनी चाहिए। संजय सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों, संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और उनके परिवारों को भी अतीत में अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में भी समान संवेदनशीलता और प्रतिक्रिया दिखाई जानी चाहिए।











