स्कूल ऑफ एमिनेंस को मिला रिकॉर्ड समर्थन, पंजाब के सरकारी स्कूलों में बढ़ा भरोसा

पंजाब सरकार की शिक्षा सुधार नीति के तहत स्कूल ऑफ एमिनेंस और रेजिडेंशियल स्कूलों को अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए दो लाख से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जो सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में आए बदलाव को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अभिभावकों और छात्रों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूल अब बेहतर शिक्षा का मजबूत विकल्प बनते जा रहे हैं।
राज्य में वर्तमान में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस और 10 रेजिडेंशियल स्कूल संचालित हैं, जिनमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। 9वीं कक्षा के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस में 4,248 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि रेजिडेंशियल स्कूलों में सीमित सीटों पर मेधावी छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
11वीं कक्षा के लिए स्कूल ऑफ एमिनेंस में 11,187 सीटें निर्धारित की गई हैं। कुल स्वीकृत सीटों में से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आंतरिक पदोन्नति के माध्यम से प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा रेजिडेंशियल स्कूलों में 4,600 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं।
पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार, 9वीं कक्षा के लिए 93,300 और 11वीं कक्षा के लिए 1,10,716 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इनमें से अधिकांश आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए जा चुके हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रवेश परीक्षा 1 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा से संबंधित जानकारी समय पर अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का कहना है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और रेजिडेंशियल स्कूलों के माध्यम से राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल न केवल छात्रों के भविष्य को मजबूत कर रही है, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान भी दिला रही है।











