SIA ने 4 नक्सलियों के खिलाफ अभियोग पत्र किया पेश:IED ब्लास्ट कर ASP की हत्या में थे शामिल, स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कर रही जांच

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में IED ब्लास्ट कर ASP आकाश राव गिरिपूंजे की हत्या करने के मामले में राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने चार नक्सलियों के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया है।
नक्सलियों ने 9 जून 2025 को सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोंढ़रीबेड़ा स्थित पत्थर खदान में एक पोकलेन मशीन में आग लगा दी थी। इस घटना की जांच के लिए ASP आकाश राव गिरिपूंजे, DSP भानुप्रताप चंद्राकर और थाना प्रभारी कोंटा सोनल ग्वाला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
पोकलेन के पास लगाए गए IED में हुआ विस्फोट
नक्सलियों की ओर से पोकलेन मशीन के पास IED लगाया गया था। पुलिस दल के पहुंचते ही विस्फोट हो गया, जिसमें ASP आकाश राव गिरिपूंजे उसकी चपेट में आकर शहीद हो गए। वहीं, DSP भानुप्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
कोंटा थाने में दर्ज हुआ था केस
इस मामले में कोंटा पुलिस ने अपराध क्रमांक 21/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 103, 109, 190, 191(2), 324, 326(च), 61(2), आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 व 27, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं 3-5 और विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धाराएं 13, 16, 18, 20, 23, 38 और 39 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले की जांच SIA को सौंपी गई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से मामले की जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) को सौंपी गई। SIA की टीम ने सुकमा और कोंटा क्षेत्र में लगातार कैंप कर जांच की और सूचना तंत्र को सक्रिय किया।
नीलामडगू गांव के नक्सलियों की भूमिका उजागर
जांच के दौरान ग्राम नीलामडगू के नक्सली सदस्यों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद मामले में जांच शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर परनीलामडगू जन मिलिशिया अध्यक्ष सोढ़ी गंगा को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े षड्यंत्र का खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि सोढ़ी गंगा ने नक्सली हितेश, माड़वी देवा सहित अन्य नक्सलियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर एक जीवित विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई।
अन्य नक्सली आरोपियों को भी लिया गया हिरासत में
अग्रिम जांच के दौरान ग्राम नीलामडगू के नक्सली सदस्य सोढ़ी देवा, कुंजाम देवा और मुचाकी लखमा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनसे मिले तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कोंटा एरिया कमेटी के नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी
जांच में यह भी सामने आया कि जिला नारायणपुर में शीर्ष नक्सली नेता बसवा राजू के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जून 2025 में कोंटा एरिया कमेटी के नक्सली कमांडर वेट्टी मांगडू ने क्षेत्रीय नक्सलियों की बैठक बुलाई थी।
बैठक में हत्या और हथियार लूट की बनाई गई योजना
इस बैठक में नक्सली हितेश, माड़वी देवा, मड़कम नंदे, सोढ़ी जोगी, मड़कम सुनिता, मड़कम अंजू और पोड़ियम गंगे शामिल थे। बैठक में पुलिस बल को क्षति पहुंचाने, हत्या करने और हथियार लूटने की योजना बनाई गई थी।
विशेष NIA कोर्ट में पेश हुआ अभियोग पत्र
जांच पूरी होने के बाद 19 दिसंबर को SIA की ओर से विशेष न्यायालय एनआईए कोर्ट, दंतेवाड़ा के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है।









