स्कूली बस का स्टीयरिंग फेल, चार बच्चे घायल; ड्राइवर फरार, स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी मांग है कि ऐसे सभी स्कूल वाहनों की नियमित जांच हो और जो वाहन सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करते, उन पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के दुखद हादसों को टाला जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जयपुर/ जयपुर जिले के दूदू ब्लॉक के रहलाना गांव में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें रॉयल्स चिल्ड्रन एकेडमी की एक स्कूली बस का स्टीयरिंग फेल होने के कारण बस सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस दुर्घटना में चार बच्चे घायल हो गए, जिन्हें तुरंत दूदू अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया है कि सभी घायल बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह उस वक्त हुआ जब बस का स्टीयरिंग अचानक लॉक हो गया। चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और बस सीधे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को बस से बाहर निकालने में मदद की।
ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई से बच्चों को समय पर सहायता मिल सकी। हालांकि, हादसे की एक गंभीर बात यह रही कि बस का चालक दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार चालक की तलाश में जुट गई है।
दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बस लंबे समय से खराब हालत में थी और उसमें तकनीकी दिक्कतें थीं। अभिभावकों का दावा है कि उन्होंने कई बार स्कूल प्रशासन को बस की मरम्मत करवाने के लिए शिकायतें की थीं, लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है और इस लापरवाही के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी मांग है कि ऐसे सभी स्कूल वाहनों की नियमित जांच हो और जो वाहन सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं करते, उन पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के दुखद हादसों को टाला जा सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











