बरेली में भारी हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच रवाना हुए निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट, समर्थकों ने रोका रास्ता…

बरेली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने और फिर शासन द्वारा निलंबित किए गए PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री की रवानगी के दौरान आज हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. भारी सुरक्षा घेरे में जब उन्हें जनपद से ले जाया जा रहा था, तब पुलिस और उनके समर्थकों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई.
गाड़ी के आगे लेटे समर्थक, जमकर हुई नारेबाजी
अलंकार अग्निहोत्री की रवानगी की खबर मिलते ही उनके समर्थक भारी संख्या में एकत्र हो गए। घटनाक्रम उस समय तनावपूर्ण हो गया जब समर्थकों ने उनकी गाड़ी के आगे लेटकर रास्ता रोकने का प्रयास किया पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. सुरक्षाकर्मियों और भीड़ के बीच काफी देर तक गहमागहमी और धक्का-मुक्की चलती रही. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाकर अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से रवाना किया। प्रशासन ने इस पूरे मूवमेंट को इतना गोपनीय रखा है कि किसी को उनकी सही लोकेशन की जानकारी नहीं है। जिला प्रशासन के अधिकारियों की चुप्पी ने इस मामले में सस्पेंस और बढ़ा दिया है.
अगला पड़ाव: लखनऊ, शामली या हाईकोर्ट?
उनकी रवानगी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में तीन प्रमुख चर्चाएं हैं पहला इलाहाबाद हाईकोर्ट कयास हैं कि वह अपने निलंबन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कोर्ट जा सकते हैं।दूसरा लखनऊ चर्चा यह भी है कि शासन ने उन्हें जांच या पक्ष रखने के लिए सीधे राजधानी तलब किया है. तीसरा शामली चूंकि निलंबन के बाद उन्हें शामली से संबद्ध किया गया है, इसलिए एक संभावना वहां भेजे जाने की भी है.
ब्यूरोक्रेसी में मची हलचल
एक पदस्थ सिटी मजिस्ट्रेट का अचानक इस्तीफा देना और फिर इस तरह की नाटकीय रवानगी बरेली के प्रशासनिक इतिहास का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। इस मामले ने न केवल जनता बल्कि पूरी ब्यूरोक्रेसी को भी चौंका दिया है.











