सूरजपुर: नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक सस्पेंड, वायरल VIDEO से खुली पोल; कलेक्टर के सख्त तेवर

सूरजपुर: जिले के प्रतापपुर विकासखण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सरईडांड़ बोंगा में पदस्थ सहायक शिक्षक रोशन लाल उरांव को शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने के गंभीर आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा के आदेश पर की गई है.

वायरल वीडियो बना सबूत

मामले की पुष्टि एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें शिक्षक कथित रूप से नशे की हालत में विद्यालय में उपस्थित दिखाई दिए. जानकारी के अनुसार, यह कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि वे प्रतिदिन शराब सेवन कर विद्यालय आ रहे थे. इससे न केवल अध्ययन-अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा था, बल्कि मासूम विद्यार्थियों के मनोभाव पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा था.

नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई

शिक्षक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है. विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय, प्रेमनगर नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. इसके पूर्व भी संबंधित शिक्षक की वेतन वृद्धि रोकी जा चुकी थी. संकुल शैक्षिक समन्वयक, संकुल केन्द्र बोंगा एवं ग्राम पंचायत बोंगा के सरपंच द्वारा निरीक्षण में शिक्षक के नशे में पाए जाने की पुष्टि की गई थी. कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए आगामी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से अवरुद्ध कर दी गई थी.

कलेक्टर का सख्त संदेश

कलेक्टर एस. जयवर्धन ने दो टूक कहा है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
विद्यालय में अनुपस्थित रहने, लापरवाही बरतने या नशे की हालत में पहुंचने वाले शिक्षकों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.

सवाल भी उठे

जब पहले ही वेतन वृद्धि रोकी जा चुकी थी, तो सुधार क्यों नहीं हुआ? क्या विभागीय निगरानी में कहीं ढिलाई रही?
क्या अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह की स्थिति की जांच होगी? शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े करने वाली इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है.

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