नाबालिग से रेप के आरोपी को मौत तक कैद:घर पर झाड़ू-पोछा करने वाली बच्ची से किया था दुष्कर्म, DNA रिपोर्ट से हुआ खुलासा

नाबालिग से रेप के आरोपी को रायपुर विशेष न्यायालय ने मौत तक कैद की सजा सुनाई है। ये सजा फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) विशेष न्यायालय के न्यायधीश अच्छेलाल काछी ने सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक डागेश्वर साहू ने बताया कि सिविल लाइन थाने में 28 दिसंबर 2024 पीड़ित बच्ची के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची को 25 दिसंबर को पेट दर्द पर मेकाहारा रायपुर ले जाया गया, जहां सोनोग्राफी में नाबालिग के गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पूछने पर लड़की ने बताया कि वह शुक्ला के घर झाड़ू–पोंछा का काम करती थी, वहीं पास बने नए मकान में काम करने वाला मजदूर सोम बाघ उसे पसंद करता था और बात करता था।
आरोप है कि 20 अगस्त 2024 की रात करीब 10 बजे अभियुक्त ने शुक्ला के घर के सामने काम वाली जगह पर बुलाकर गली में ले जाकर जबरन बलात्कार किया, अगली रात 10 से 10.30 बजे के बीच गुरु गोविंद सिंह वार्ड की गली में भी जबरन संबंध बनाए।
मेडिकल और डीएनए रिपोर्ट
- पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में कराए गए मेडिकल टेस्ट में डॉक्टरों ने पीड़िता से संभोग होने की पुष्टि की तथा सोनोग्राफी के आधार पर 17 हफ्ते 6 दिन का गर्भ बताया।
- जिला चिकित्सालय पंडरी में अभियुक्त सोम बाघ का मेडिकल परीक्षण हुआ, रिपोर्ट में उसे संभोग करने में असमर्थ नहीं पाया गया।
- पीड़िता का गर्भपात होने के बाद संरक्षित भ्रूण और दोनों के ब्लड सैंपल राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए, जहां डीएनए रिपोर्ट में भ्रूण के जैविक माता–पिता पीड़िता और अभियुक्त सोम बाघ ही पाए गए।
उम्र का निर्धारण और धारा
- पीड़िता के पिता से प्राप्त जन्म प्रमाण पत्र के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 02 मई 2011 है, लिहाजा घटना के समय उसकी उम्र 16 वर्ष से कम पाई गई।
- संपूर्ण विवेचना के बाद अभियुक्त के खिलाफ धारा 64(2)(ड), 65(1) बी.एन.एस. और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अभियोग पत्र फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सबूतों और गवाहों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को मृत्यु तक कैद की सजा सुनाई है।










