खाली मैदान में निगम डंप कर रहा था कचरा:वार्ड पार्षद ने गाड़ी को कचरा फेंकते पकड़ा, धरने पर बैठे तो एक घंटे में उठवाया

दुर्ग के फरीद नगर स्थित लाल मैदान में लंबे समय से चल रही अवैध कचरा डंपिंग के खिलाफ आखिरकार स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को वार्ड पार्षद महेश वर्मा ने खुद निगम की कचरा गाड़ी को मैदान में कचरा डालते हुए पकड़ा, जिसके बाद वे वार्डवासियों के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गए

धरने की जानकारी मिलते ही जोन-1 के आयुक्त मौके पर पहुंचे और तत्काल कचरा हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद निगम ने जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर भेजकर मैदान से कचरा उठवाया।

स्थानीय लोगों और पार्षद का आरोप है कि निगम की गाड़ियां आस-पास के वार्डों का कचरा प्रतिदिन लाल मैदान में फेंक रही थी। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि चिकन, मटन और मछली दुकानों का वेस्ट भी यहीं डाला जा रहा था, जिससे दुर्गंध फैल रही थी और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया था।

पार्षद वर्मा ने आरोप लगाया कि यहां मृत पशुओं तक को फेंका जा रहा था, जबकि इन सबको शहर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में निपटान किया जाना चाहिए था।

निगम के अफसर नहीं दे रहे ध्यान पार्षद वर्मा ने बताया कि उन्होंने निगम के अधिकारियों को कई बार फोन कर इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन किसी ने जवाब देना उचित नहीं समझा। जब अधिकारियों ने अनसुना किया तो हमें धरना का रास्ता अपनाना पड़ा। शहर का कचरा लाल मैदान में डाला जा रहा है, जबकि इसे ट्रेंचिंग ग्राउंड में जाना चाहिए था। मैंने स्वयं यहां कचरा डालती निगम की गाड़ी को पकड़ा है।

मौके पर पहुंचे जोन-1 के आयुक्त, तीन दिन का अल्टीमेटम धरने की सूचना मिलते ही जोन-1 आयुक्त लाल मैदान पहुंचे। पार्षद की मांग के बाद तुरंत कचरा हटाने का आदेश दिया। निगम की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही घंटों में सामने पड़े कचरे को हटाया। लेकिन पूरे मैदान में अभी भी कचरा डंप है।

पार्षद महेश वर्मा ने निगम को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर पूरे मैदान को ठीक से साफ नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

शहर सरकार और निगम प्रशासन की अनदेखी पार्षद वर्मा ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि महापौर, स्वास्थ्य विभाग और आयुक्त की अनदेखी के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। हम इंदौर गए थे, बेहतर सफाई व्यवस्था सीखने के लिए।

लेकिन यहां कांग्रेस और निगम के बीच सांठगांठ की वजह से सफाई व्यवस्था सुधर ही नहीं रही। महापौर सिर्फ सेक्टर-5 की सफाई पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि बाकी क्षेत्रों की उपेक्षा हो रही है।

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