जिस पर रेप का केस दर्ज कराया, उसी का थामा हाथ: जगदलपुर सेंट्रल जेल में बनी दुल्हन, कोर्ट ने दिलाई अनुमति

जगदलपुर, 24 जुलाई 2026। बस्तर जिले के जगदलपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां जिस युवक के खिलाफ युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, बाद में उसी से कोर्ट की अनुमति के बाद केंद्रीय जेल परिसर में विवाह कर लिया। दोनों ने वैदिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए। शादी के बाद युवक को फिर से जेल भेज दिया गया, जबकि मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार, परपा थाना क्षेत्र के राजूर गांव की रहने वाली मनमती कश्यप और सुरेश सेठिया जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। युवती का आरोप था कि युवक ने उससे शादी का वादा किया, लेकिन बाद में पारिवारिक कारणों और सामाजिक दबाव के चलते शादी से इनकार कर दिया।

इसके बाद युवती ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पिछले सात महीनों से सुरेश जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद था। इस दौरान युवती उससे मिलने भी जेल जाती रही और बाद में दोनों ने आपसी सहमति से विवाह करने का फैसला लिया।

युवती ने अधिवक्ता की मदद से विशेष न्यायालय में विवाह की अनुमति के लिए आवेदन दिया। अदालत ने दोनों के बालिग होने और आपसी सहमति को देखते हुए जेल नियमावली के तहत विवाह कराने के निर्देश दिए। इसके बाद केंद्रीय जेल परिसर में मंडप सजाया गया, जहां पुलिस, जेल अधिकारियों, अधिवक्ताओं और दोनों परिवारों की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया गया। एक पुलिस जवान ने कन्यादान की रस्म भी निभाई।

मनमती कश्यप ने बताया कि शादी से इनकार होने के बाद समाज में उनकी बदनामी हुई और इसी कारण उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने साथ रहने का निर्णय लिया। वहीं सुरेश ने कहा कि परिवार के विरोध के कारण शादी नहीं हो पाई थी, लेकिन अब दोनों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया है।

मामले के अधिवक्ता अवधेश झा ने बताया कि पीड़िता और आरोपी दोनों ने संयुक्त रूप से विवाह की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) ने जेल नियमावली के अनुसार विवाह कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था और अब उन्होंने अपनी इच्छा से वैवाहिक जीवन शुरू करने का फैसला किया है।

जेल अधीक्षक एस.एल. नायर ने बताया कि जगदलपुर केंद्रीय जेल में इस तरह का यह पहला मामला है। अदालत के आदेश के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए जेल परिसर में विवाह कराया गया। शादी के बाद आरोपी को पुनः जेल भेज दिया गया है और मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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