वैशाख के दान रिवाज़ में ये 8 आइटम, बरकत और समृद्धि को लाएँगे द्विगुणित

आज से हिंदी पंचांग के दूसरे महीने वैशाख की शुरुआत गई है. इस माह का समापन 01 मई को वैशाख पूर्णिमा के साथ होगा. धार्मिक दृष्टि से वैशाख के महीने को अत्यंत ही पुण्यकारी बताया जाता है. इसी माह में भगवान विष्णु ने मधु नाम के राक्षस अंत किया था. इसलिए ये माधव मास भी कहा जाता है. इस महीने में भगवान विष्णु के मधुसूदन स्वरूप के पूजन का विधान है.

स्कंद पुराण में बताया गया है कि वैशाख माह के जैसा दूसरा कोई उत्तम माह नहीं है. वैशाख माह में माता तुलसी की भी पूजा की जाती है. तुलसी भगवान विष्णु को अति प्रिय है. यही कारण हैं कि माता तुलसी हरिप्रिया कही जाती हैं. इस माह में स्नान, दान और अन्य धार्मिक कार्य करने से धन-धान्य में बरकत होती है. धार्मिक मान्यता है कि इस माह में दान-पुण्य का कई गुणा अधिक फल प्राप्त होता है, तो आइए जानते हैं कि वैशाख माह में किन चीजों का दान करना चाहिए.

वैशाख माह में करें इन चीजों का दान
जल: वैशाख मास में जल का दान सबसे पुण्यकारी माना गया है. इस माह में जल का अर्घ्य अर्पित करने से सूर्य देव बहुत प्रसन्न होते हैं. वैशाख में जल से भरा घड़ा यानी मटके का दान करें.

फल: वैशाख महीने में ऐसे फलों का दान अवश्य करें, जिनको खाने से शितलता मिलती हो. इस माह में मौसमी फल जैसे- तरबूज, खरबूजा और बेल का दान बहुत शुभ माना गया है. फल का दान करने से घर में सुख-समृद्धि रहती है.

छाता और चप्पल: वैशाख महीने में गर्मी बहुत रहती है. ऐसे में गरीब और जरूरतमंदों को छाता और चप्पल दान में दें. इन दोनों चीजों का दान कुंडली से राहु-केतु जैसे दोष दूर करता है.

वस्त्र: वैशाख मास में जरूरतमंदों को वस्त्र का दान करें. इस माह में वस्त्रों के दान से कुंडली में सूर्य कि स्थिति मजबूत होती है.

सत्तू: गर्मियों में सत्तू का सेवन पेट को ठंडा रखता है. इसलिए इस माह में सत्तू का सेवन जरूर करें. साथ ही सत्तू का दान भी अवश्य करें.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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