छत्तीसगढ़ समेत 9 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट: कहीं धूल भरी हवाएं, कहीं लू का कहर, मानसून की रफ्तार भी थमी

रायपुर/नई दिल्ली, 19 जून। देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है, वहीं उत्तर भारत के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और लू का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और दक्षिण कर्नाटक के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पूर्वी बिहार, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने के संकेत हैं।

वहीं ओडिशा, विदर्भ, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, दक्षिण और पूर्वी गुजरात तथा कोंकण-गोवा में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि इन क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना नहीं है।

उत्तर भारत में धूल भरी आंधी का खतरा

मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर के लिए गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक बदलाव और मौसम में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

यूपी में बढ़ेगी गर्मी, लू का असर

उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव यानी लू की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मानसून की चाल धीमी

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दो प्रमुख स्थानों पर अटकी हुई है। इसका पश्चिमी सिरा महाराष्ट्र के हरनाई और पूर्वी सिरा बिहार के मुजफ्फरपुर के आसपास स्थिर बना हुआ है। मानसून की धीमी रफ्तार के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

मध्य भारत के कई इलाकों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमी प्रणाली विकसित नहीं हुई है, जो मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर सके।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्य करने की सलाह दी है। वहीं आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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