ट्रंप का H-1B वीजा पर नरम रुख- आईटी कंपनियों के शेयरों में उछाल

(एपी सिंह): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि अमेरिका में स्किल्ड लोगों की भारी कमी है। इसके पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ एक अनुकूल डील करने के काफी करीब पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के इन दोनों बयानों के बाद बुधवार शेयर बाजार में मजबूती देखी गई। भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में उछाल देखने को मिली।

निवेशकों पर दिखा अनुकूल असर

डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद निवेशकों को उम्मीद बंधी है कि अब अमेरिका की वीजा नीति में कुछ नरमी आ सकती है। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि भारत के साथ एक अनुकूल ट्रेड डील जल्द अंतिम रूप लेने वाली है। इसका भारतीय टेक कंपनियों पर अनुकूल असर पड़ा और शेयर बजार में ट्रेडिंग के दौरान इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।

दरअसल, इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी भारतीय आईटी कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स के लिए कुशल इंजीनियरों को भेजने के लिए एच-1बी वीजा पर पूरी तरह निर्भर हैं।

क्यों नरम पड़े ट्रंप के स्वर

जब भी अमेरिकी सरकार की ओर से वीज़ा से जुड़ी कोई सकारात्मक बात सामने आती है, तो भारतीय आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ जाता है और बाजार में तेजी की धारणा दिखाई देती है। अवैध प्रवासियों पर सख्ती और विदेशी छात्रों के लिए वर्क वीजा स्पॉन्सरशिप में कमी से अमेरिकी कंपनियों को बड़े पैमाने पर प्रतिभाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति के स्वर कुछ नर्म पड़ते दिखाई दे रहे हैं।

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जगजाहिर में स्पोर्ट्स बीट पर काम कर रहे हैं। स्पोर्ट्स में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स गेम्स के मामलों पर काफी अच्छी पकड़ रखते हैं। हमारे पास विभिन्न मुद्दों पर लिखने का 8 साल से अधिक समय का अनुभव है। पत्रकारिता के अपने इस करियर में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स जिसमें साल 2015 और 2019 और 2023 वनडे वर्ल्ड कप, आईपीएल और फुटबॉल वर्ल्ड कप को कवर किया है।
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