अमेरिकी शटडाउन इस हफ्ते खत्म होने की उम्मीद, रोजगार के आंकड़ों से तय होगा दिसंबर में फेड रेट कट का फैसला

(एपी सिंह) वाशिंगटन डीसी। अमेरिका में रिकॉर्ड-लंबा सरकारी शटडाउन इस सप्ताह खत्म होने की संभावना है। अब वॉल स्ट्रीट का ध्यान उन आर्थिक आंकड़ों पर है, जो शटडाउन के कारण जारी नहीं हो सके थे। इन आंकड़ों में सबसे महत्वपूर्ण है सितंबर की रोजगार (जॉब्स) रिपोर्ट, जिसे फेडरल रिज़र्व की दिसंबर बैठक के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।

मॉर्गन स्टेनली के अर्थशास्त्रियों का मानना है फेड अब फिर से डेटा-निर्भर मोड में है और उपलब्ध आंकड़े दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती के लिए निर्णायक साबित होंगे। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि सितंबर की पेरोल रिपोर्ट, शटडाउन खत्म होने के तीन दिन बाद जारी होगी और यह धीमी भर्ती की पुष्टि कर सकती है।

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार सितंबर में सिर्फ 50,000 नई नौकरियां जुड़ने की संभावना है, जबकि बेरोजगारी दर 4.3% पर स्थिर रहेगी। अक्टूबर और संभवतः नवंबर में बेरोजगारी दर 4.5% या उससे अधिक तक बढ़ सकती है, जिसकी वजह शटडाउन के दौरान हुए अस्थायी फर्लो और पहले किए गए संघीय बायआउट बताए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार शटडाउन के कारण महंगाई, खर्च और जीडीपी जैसे अन्य आर्थिक संकेतक पीछे चले जाएंगे, इसलिए फेड के लिए इस सर्दी में रोजगार को आंकड़े ही सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। मॉर्गन स्टेनली ने कहा यदि रोजगार से जुड़े आंकड़े अपेक्षा से मजबूत आते हैं, तो दिसंबर में दर कटौती का अनुमान कमजोर पड़ सकता है, क्योंकि फेड खतरों के प्रबंधन से हटकर पूरी तरह डेटा-आधारित निर्णयों पर लौट रहा है।

फेड चेयर जेरोम पॉवेल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दिसंबर की दर कटौती पक्की नहीं है और समिति के भीतर इस पर गहरा मतभेद है। अक्टूबर बैठक के बाद फेड अधिकारियों के बयानों से यह विभाजन और स्पष्ट हुआ है। फेड गवर्नर स्टीफन मीरन ने दिसंबर में 50 आधार अंकों की कटौती की मांग की है ताकि संभावित आर्थिक सुस्ती से बचाव किया जा सके।

वहीं शिकागो फेड अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि शटडाउन के कारण पर्याप्त डेटा उपलब्ध न होने से दिसंबर में नीतिगत दर पर निर्णय बेहद अनिश्चित है। शटडाउन के अंत के बाद आने वाले रोजगार आँकड़े फेड की दिसंबर दर कटौती को निर्धारित या रोक सकते हैं, और यही बाजार की सबसे बड़ी चिंता है।

jagjaahir desk

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