उत्तर प्रदेश: नाबालिग से देह व्यापार कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सरगना महिला समेत 4 गिरफ्तार

बरेली: थाना बारादरी पुलिस ने मानव तस्कर और नाबालिग लड़की से जबरन देह व्यापार कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है.

पुलिस ने गिरोह की मुख्य सरगना बबली समेत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से देह व्यापार में प्रयुक्त एक बिना नंबर की स्कूटी, पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार 13 मार्च की देर रात एक नाबालिग लड़की डरी-सहमी हालत में थाना बारादरी पहुंची और आपबीती सुनाई. उसने बताया कि वह वाराणसी की रहने वाली है और परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर जनवरी 2026 में घर से निकल गई थी. वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने उसे अपने पास कुछ दिन रखा और बाद में बरेली लाकर बबली नामक महिला को बेच दिया.
आरोप है कि बबली ने अपने साथियों के साथ मिलकर नाबालिग को कमरे में बंधक बना लिया और जबरन देह व्यापार में धकेल दिया। नाबालिग को बालिग दिखाने के लिए उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया, जिसके आधार पर उसे विभिन्न होटलों में ग्राहकों के सामने पेश किया जाता था.
पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुलिस से बचने के लिए जन सेवा केंद्र संचालक विनय की मदद से आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर उसकी जन्मतिथि 2011 के स्थान पर 2007 दर्ज कर दी गई थी, ताकि उसे बालिग दिखाया जा सके। पुलिस अब इस मामले में सामने आए अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.
पुलिस ने गिरोह की सरगना बबली निवासी चनेहटी (बरेली), विनोद यादव निवासी फरीदपुर (बरेली), जसलीन कौर निवासी अफजलगढ़ (बिजनौर) और दुर्गा लावती निवासी नेपाल हाल निवासी पीलीभीत को गिरफ्तार किया है। बबली के खिलाफ पहले से भी पॉक्सो और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के कई मामले दर्ज बताए गए हैं.
इस कार्रवाई को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह, उपनिरीक्षक महावीर सिंह, महिला उपनिरीक्षक रितु राठी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है.











