प्रतापपुर में मौसम ने दिखाई भयानक तस्वीर, सड़क सुरक्षा बनी बड़ी चिंता; बुजुर्ग बोले- पहली बार ऐसा घना कोहरा देखा

सूरजपुर: प्रतापपुर नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बीती रात प्रकृति ने अपना अद्भुत और भयावह रूप दिखाया. रात करीब 8:30 बजे अचानक पूरे क्षेत्र पर घने कोहरे की मोटी चादर छा गई, जिससे नगर से लेकर गांव तक सब कुछ धुंध में लिपट गया. कुछ ही पलों में दृश्यता इतनी कम हो गई कि लोग सामने कुछ मीटर दूर तक भी नहीं देख पा रहे थे. स्थानीय नागरिकों के अनुसार, प्रतापपुर में पहली बार इतना भयंकर कोहरा देखने को मिला, जिसने जनजीवन को लगभग ठहराव की स्थिति में ला दिया.
कोहरे के कारण कई स्थानों पर चलती गाड़ियां बीच रास्ते में रुक गईं, क्योंकि सामने से आने वाले वाहन नजर ही नहीं आ रहे थे. तेज ठंडी हवाओं और कड़कड़ाती ठंड ने वर्षों बाद लोगों को अत्यधिक सर्दी का एहसास कराया. कई बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने अपने 40–50 वर्षों के जीवन में प्रतापपुर में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा. पूरी रात नगर और ग्रामीण इलाका कोहरे में डूबा रहा.
वहीं सुबह भी हालात सामान्य नहीं हुए. सूर्य की रोशनी करीब दोपहर 12 बजे के आसपास दिखाई दी, जिसने लोगों को और अधिक चौंका दिया. इस अनोखे मौसम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए. इसी बदले मौसम और कम दृश्यता के बीच सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है.
सूरजपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न सड़क सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट के वाहन चलाना न केवल जान-माल के लिए खतरा है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में बीमा क्लेम से भी वंचित होना पड़ता है.
प्रशासन ने वाहन विक्रेताओं की जिम्मेदारी भी तय की है कि वे वाहन बिक्री के समय यह सुनिश्चित करें कि ग्राहक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो और वह यातायात नियमों से भलीभांति परिचित हो. वाहन विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थान में यातायात नियमों और ट्रैफिक चिन्हों से संबंधित पोस्टर, बैनर, पंपलेट और वीडियो क्लिप्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करें तथा हेलमेट और लाइसेंस के बाद ही वाहन क्रय के लिए प्रेरित करें.
घने कोहरे और बढ़ती ठंड के बीच यह चेतावनी साफ है कि सतर्कता और नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का एकमात्र रास्ता है. आने वाले दिनों में यदि मौसम का यही मिजाज रहा, तो प्रशासन और आम नागरिक- दोनों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी.









