Unified Pension Scheme: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ से वापस NPS में जाने का मौका, मोदी सरकार ने दी ‘वन टाइम’ सुविधा

सरकार ने कर्मचारियों की मांग पर यह 'वन टाइम-वन वे स्विच' की सुविधा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी इस नई योजना से संतुष्ट नहीं थे।

Unified Pension Scheme।नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जनवरी 2025 में लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को अपनाने वाले कर्मचारी अब वापस नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में लौट सकते हैं।

सरकार ने कर्मचारियों की मांग पर यह ‘वन टाइम-वन वे स्विच’ की सुविधा दी है, क्योंकि बड़ी संख्या में कर्मचारी इस नई योजना से संतुष्ट नहीं थे।

क्या है पूरा मामला?Unified Pension Scheme

​केंद्र सरकार ने यूपीएस को नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के विकल्प के रूप में शुरू किया था, जिसमें कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन लाभ की गारंटी दी गई थी। हालांकि, लाखों कर्मचारियों में से सिर्फ 31,555 कर्मचारियों ने ही इसे चुना।

जिन कर्मचारियों ने इस स्कीम को अपनाया, उनमें से कई लोगों को यह डर था कि लंबी अवधि में यह स्कीम उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें बाजार-आधारित रिटर्न का फायदा नहीं मिलता।

​इसी असमंजस को दूर करने के लिए वित्त मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया है, जिसके तहत कर्मचारी अब एनपीएस में वापस जा सकते हैं।

कब तक कर पाएंगे वापसी?Unified Pension Scheme

​कर्मचारियों के लिए यह विकल्प एक बार ही उपलब्ध होगा। एक बार अगर वे एनपीएस में वापस चले जाते हैं, तो दोबारा यूपीएस नहीं चुन पाएंगे। यह वापसी का विकल्प वे अपनी सेवानिवृत्ति से एक साल पहले तक इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने वाले कर्मचारियों को अपनी सेवानिवृत्ति की तारीख से 3 महीने पहले तक यह विकल्प चुनना होगा।

​इस्तीफा देने या ‘रूल 56J’ (समय से पहले रिटायरमेंट) वाले मामलों में भी यही नियम लागू होंगे।

​अगर कोई कर्मचारी तय समय-सीमा के भीतर यह विकल्प नहीं चुनता, तो वह डिफ़ॉल्ट रूप से यूपीएस में ही रहेगा।Unified Pension Scheme

​यह ‘स्विचिंग’ सुविधा उन कर्मचारियों को नहीं मिलेगी जिन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, या जिन्हें सजा के तौर पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई हो।

​अगर कोई कर्मचारी यूपीएस छोड़कर एनपीएस में वापस जाता है, तो उसे यूपीएस के तहत मिलने वाला सुनिश्चित पेंशन लाभ और गारंटीड पेआउट नहीं मिलेगा। इसके बजाय, उन पर पीएफआरडीए (PFRDA) के ‘एग्जिट एंड विदड्रॉल रूल्स, 2015’ के नियम लागू होंगे।

सरकार द्वारा दिया गया अतिरिक्त 4% का योगदान (जो यूपीएस में था) उसके एनपीएस कॉर्पस में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। उसके बाद, कर्मचारी का पूरा पेंशन लाभ फिर से एनपीएस के नियमों के तहत ही तय होगा।Unified Pension Scheme

NewsDesk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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