रायपुर में कोचिंग के नाम पर चल रहा था नकली आरओ प्लांट, निगम ने मारा छापा और सील की यूनिट

रायपुर के शंकर नगर इलाके में एक घर के भीतर कोचिंग क्लास के नाम पर नकली आरओ वाटर प्लांट चलाया जा रहा था। नगर निगम को स्थानीय लोगों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कॉलोनी के एक मकान से दिन-रात पानी की पैकेजिंग और केमिकल मिक्सिंग का काम किया जा रहा है, जिससे बदबू और शोर से लोगों को परेशानी हो रही है। शिकायतों की जांच के बाद निगम की टीम ने मौके पर दबिश दी और बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

गोरखा कॉलोनी में चल रही “स्टार ट्रेडिंग कम्पनी” बिना किसी स्वीकृति या लाइसेंस के आरओ वाटर पैकेजिंग और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग का काम कर रही थी। जब टीम ने परिसर की जांच की, तो अंदर वाटर फिल्टरिंग मशीनें, केमिकल ड्रम और पैकेजिंग सामग्री पाई गई। निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी यूनिट को सील कर दिया।

इस कार्रवाई का नेतृत्व जोन-3 की कमिश्नर प्रीति सिंह ने किया। उनके साथ कार्यपालन अभियंता सुशील मोडेस्टस, सहायक अभियंता नरेश साहू और उप अभियंता अक्षय भारद्वाज भी मौजूद थे। जांच में पाया गया कि कंपनी के प्रोप्राइटर यश वर्मा ने न तो निगम से अनुमति ली थी और न ही किसी प्रकार का सुरक्षा या स्वच्छता मानक पूरा किया था। अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट से तैयार पानी और केमिकल उत्पाद बिना किसी गुणवत्ता जांच के बाजार में बेचे जा रहे थे।

रायपुर में नकली उत्पादों का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के कई हिस्सों में नकली तेल, साबुन, शैंपू, पाउडर और अन्य घरेलू उत्पाद ब्रांडेड लेबल लगाकर बेचे जा रहे हैं। पिछले एक साल में 20 से ज्यादा मामले ऐसे सामने आए हैं, जिनमें नकली सामान बेचने वालों को पकड़ा गया है। कई यूनिट्स पर छापे भी मारे गए, लेकिन सप्लाई चेन अब भी सक्रिय है।

नगर निगम और खाद्य विभाग की टीमें लगातार सैंपल जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि नकली प्रोडक्ट्स बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसी यूनिट्स को तुरंत सील किया जाएगा।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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