धमतरी: 95 वर्षीय ‘सुईन दाई’ फाफी देवी यादव का निधन, गांव में शोक की लहर

धमतरी: जिले अंतर्गत कुरुद ब्लाक के जोरातराई (सिलौटी) गांव की 95 साल की ‘सुईन दाई’ फाफी देवी यादव का निधन हो गया. वह पिछले कुछ महीने समय से बीमार चल रही थी. उनके निधन से गांव में शोक की लहर है. वह अपने पीछे आठ बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं.
स्व. फाफी देवी अपने गांव की प्रसिद्ध दाई थी.उन्होंने अपने जीवन काल में कई प्रसव पीड़िताओं की मदद की थी.वह अपने गांव के अलावा आसपास के तमाम गांवों में दाई का कार्य किया करती थी.कुछ साल पहले तक उन्हें प्रसव कराने के लिए बुलाया जाता था.सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली.वे गुहरी यादव, संतोष यादव की माताजी थी.
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में, दाइयाँ समुदाय का एक सम्मानित हिस्सा थीं, जिन पर महिलाएं प्रसव के लिए भरोसा करती थीं, अक्सर इसलिए क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच मुश्किल थी.तब स्व.फाफी देवी जैसे सुइन दाई प्रसव पीड़िताओ को घर पर ही नार्मल डिलीवरी करा देती थी.
पारंपरिक ज्ञान: उनके पास पीढ़ियों से चला आ रहा पारंपरिक ज्ञान और हाथ से प्रसव कराने की तकनीकें थीं, जैसे कि विशेष मालिश, बैठने की स्थिति (उकड़ू बैठना), और नाभि नाल काटने के स्थानीय तरीके.
मनोवैज्ञानिक समर्थन: वे प्रसव के दौरान महिलाओं को निरंतर भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करती थीं, जो आधुनिक अस्पतालों में हमेशा संभव नहीं हो पाता था.









