पूर्व-विधायक के करीबी ने नहीं दिए 57-लाख,मालगाड़ी के सामने कूदा:पेटी कॉन्ट्रैक्टर का दाहिना हाथ कटा, दुकानदारों-मजदूरों को पेमेंट करना था; हालत गंभीर

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ठेकेदार से 57 लाख रुपए नहीं मिलने पर युवक ने मालगाड़ी के सामने कूदकर सुसाइड की कोशिश की। इस घटना में उसका दाहिना हाथ कट गया। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित का नाम लोकेश चंद्राकर (27) है। जो बेमचा गांव का रहने वाला है। वह पूर्व कांग्रेस विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के करीबी ठेकेदार अविनाश चंद्राकर के साथ पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता है। अविनाश को लोकेश को पैसे देने थे, लेकिन कई दिनों से रुपए मिलने पर लोकेश मानसिक तनाव में था।
लोकेश को निर्माण कार्यों में लगे मटेरियल और मजदूरों का पेमेंट करना था। पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें लेनदारी का जिक्र है। घटना के पहले लोकेश की पैसों को लेकर अविनाश चंद्राकर से बात भी हुई थी। जिसमें लोकेश कहता है कि वह मरने जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि दीपावली के बाद से पेमेंट नहीं मिला था। उन्होंने पुलिस से मामले की लिखित शिकायत की है। ठेकेदार का पक्ष जानने उससे संपर्क किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद होने के कारण बात नहीं हो पाई।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, अविनाश चंद्राकर पेशे से ठेकेदार है। जो कि कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर का करीबी है। लोकेश, अविनाश को चाचा कहता है और उसी के साथ पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता था। आरोप है कि अविनाश चंद्राकर पर लोकेश के 57 लाख रुपए बकाया थे।
दीपावली के बाद से भुगतान नहीं मिलने के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में था। ऐसे में मंगलवार रात लोकेश सुसाइड करने बेलसोंड़ा रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन के सामने कूद गया। जिससे उसका दाहिना हाथ कट गया। अच्छी बात यह रही कि उसकी जान बच गई।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
घटना की जानकारी मिलते ही RPF टीम मौके पर पहुंची और सिटी कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गंभीर रूप से घायल को 108 एम्बुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इधर, परिजन भी अस्पताल पहुंचे। लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
घटना के पहले दोनों के बीच हुई थी बात
घटना के कुछ घंटे पहले लोकेश की फोन पर अविनाश चंद्राकर से बातचीत हुई थी। कॉल रिकॉर्ड में लोकेश रोते हुए अविनाश से कहता है कि वह समझ नहीं पा रहा है कि भगवान उसकी परीक्षा ले रहे हैं या फिर आप। इस पर अविनाश जवाब देता है कि इसे एक तरह से परीक्षा ही समझो।
बातचीत के दौरान लोकेश कहता है कि पेमेंट आ गया है, लेकिन वह पिछले 5-6 दिनों से लगातार फोन लगा रहा है और उसका फोन नहीं उठाया जा रहा। इस पर अविनाश कहता है कि अब क्या समझ आया। जवाब में लोकेश कहता है कि वह मरने के लिए निकला है, ऐसे में उसे और क्या समझ आएगा।
लोकेश को मजदूरों का भुगतान करना था
लोकेश के पिता भोला प्रसाद चंद्राकर और मामा के.आर चंद्राकर ने दैनिक भास्कर को बताया कि लोकेश पिछले 5 सालों से कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर के करीबी ठेकेदार अविनाश चंद्राकर के साथ पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में अलग-अलग निर्माण कार्य कर रहा था। अविनाश पर लोकेश के 57 लाख रुपए बकाया थे।
दीपावली के बाद से वह पैसों को लेकर काफी परेशान था, क्योंकि उसे मार्केट में निर्माण सामग्री और लेबर का भुगतान करना था। अविनाश बकाया राशि देने में टालमटोल कर रहा था और उसके कॉल भी नहीं उठा रहा था, जिससे लोकेश दबाव में था।
अविनाश चंद्राकर के खिलाफ लिखित शिकायत
परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे लोकेश मचेवा स्थित महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्य देखने निकला था। इसके बाद रात साढ़े 10 बजे हादसे की जानकारी मिली। पिता ने पुलिस को फोन कॉल रिकॉर्ड, सुसाइड नोट, डायरी में दर्ज लेनदेन का हिसाब और अविनाश चंद्राकर के खिलाफ एक लिखित शिकायत सौंपी है।
लेनदेन से जुड़ा सिविल मामला- ASP
इस मामले में एडिशनल एसपी प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि भोला प्रसाद चंद्राकर का आवेदन मिला है। अविनाश चंद्राकर से 56 लाख रुपए की राशि लेनी थी, लेकिन भुगतान में टालमटोल किए जाने के कारण युवक ने आत्महत्या का प्रयास किया।









